मथुरा। जनपद में पिछले तीन माह से ओलावृष्टि किसानों को लेकर जो राजनीति हो रही है उसमें सभी शक्ति परीक्षण में लगे हुये हैं। समाजवाीद पार्टी भी इससे अछूती नहीं रही है।
हालांकि पार्टी द्वारा प्रशासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं किया गया लेकिन किसानों को चैक न बंटने पर सपा ने भी कई जगह किसानों के स्वर में स्वर मिलाये। भारतीय जनता पार्टी, कांगे्रस और रालोद, बसपा सभी ने ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को लेकर जमकर नेतागिरी की है लेकिन किसानों को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ किसानों के चैक जरूर समय पर सही स्थिति में मिले लेकिन अधिकांश किसान आज भी ओलावृष्टि चैकों को लेकर भटकते फिर रहे हैं। आये दिन किसानांे के ज्ञापन और जिला प्रशासन को शिकायती पत्र मिल रहे हैं। किसानों के ओलावृष्टि से पीड़ित होने की राजनीति को प्रमुख दलों ने खूब भुनाया। प्रशासन और सरकारों के खिलाफ खूब आक्रोश व्यक्त किया और धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचायी। अब किसान पूछने लगे हैं कि आखिर इन चैकांे को लेकर नेता प्रशासन से प्रयास तो नहीं करते केवल अपनी-अपनी पार्टियों के जरिये आंदोलन और अपनी नेतागिरी चमकाने में लगे हैं। जबकि किसान इन नेताओं की हकीकत से पूरी तरह वाकिफ है।





