इस बार भव्य होगा कृष्ण-बलराम विजय महोत्सव
पूरे चार दिन होंगे विविध कार्यक्रम
मथुरा। माथुर चतुर्वेद परिषद द्वारा आयोजत वार्षिक कृष्ण-बलराम विजय मोहत्सव कंस वध मेला की तैयारियां व्यापक रूप से चल रही हैं। देश-विदेश से चतुर्वेदी परिवार के लोगों का आना शुरू हो गया है। इस संबंध में माथुर चतुर्वेद परिषद कार्यालय पर परिषद के उपाध्यक्ष अरविन्द चतुर्वेदी भूरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी बैठक में परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने कहा कि मेले में जो भी झाकियां रखी जायें उनकी संख्या अधिक नहीं हो। अध्यक्ष दिनेश पाठक द्वारा इस बार मेले को और भव्य बनाते हुये झाकियों की संख्या तो सात ही रखी गयी है लेकिन प्रत्येक झांकी में कलाकारों की संख्या 15 से बीस रखी गयी है। जिसमें राजस्थानी नृत्य, मयूर नृत्य, चरकुला नृत्य, महारास, अर्द्धनारीश्वर और गंगा, यमुना, सरस्वती, कृष्ण सुदामा चरित्र एवं कंस वध की झाकियां मुख्य आकर्षण होंगी। परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी ने बताया कि त्रिदिवसीय कृष्ण महोत्सव कंस मेले के अंतर्गत 19 नवंबर को प्रातः नौ बजे विश्रामघाट पर गौचारण लीला का आयोजन होगा और उसी दिन सायं चार बजे गली सेठ भीकंचद से भगवान श्रीकृष्ण बलराम शोभायात्रा के साथ गौचारण के गोपाल बाग पुराने बस स्टैण्ड के पास जायेंगे। वहां से एक शोभायात्रा के रूप में विश्रामघाट लौटेंगे। इस दिन सायं आठ बजे से अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन विश्रामघाट पर रखा गया है। बीस नवंबर को सायं पांच बजे अक्षय नवमी के दिन कंस वध लीला का आयोजन विश्रामघाट पर किया गया है और 21 नवंबर को कंस वध मेले का आयोजन है। बैठक की अध्यक्षता करते माथुर चतुर्वेद परिषद के उपाध्यक्ष अरविन्द चतुर्वेदी भूरा ने बताया कि इस बार मेले को और भव्य बनाने के लिये सर्व समाज से अपील की गयी है कि वे इस मेले में पारंपरिक वेषभूषा में पधारें और मेला की शोभा बढायंे।
बैठक में योगेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, संजीव चतुर्वेदी, मनोज पाठक, ब्रजेश चतुर्वेदी, कमल चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार चऊअन, अनुराग चतुर्वेदी, अभिनय चतुर्वेदी, अमित कृष्ण, विशाल चतुर्वेदी, राधाबल्लभ, अमित, अरविन्द चतुर्वेदी, आशीष पांडे, विशेष चतुर्वेदी, दीपक, मोहित चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।





