कण-कण में समाहित हैं ईश्वर- आचार्य स्वदेश

वेद मंदिर पर हुआ सत्संग का आयोजन

मथुरा। वेद मंदिर पर आयोजित सत्संग में वेद मन्दिर के अधिष्ठाता आचार्य स्वदेश महाराज ने ईशोपनिषद के पहले मंत्र की व्याख्या करते हुये कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि को एक सत्ता संचालित कर रही है, जिसका नाम ओइम् है। ईश्वर कण-कण में समाया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन हमें यह आभास हो जायेगा कि ईश्वर हमारे अन्दर है तो हम कोई गलत कार्य नहीं करेंगे। श्री आचार्य ने कहा कि हमें अपने अन्दर की आवाज को सुनना चाहिए। जब हम कोई गलत कार्य करते हैं तो अन्दर से उसे न करने की आवाज हमें सुनाई देती है। उस आवाज को केवल संस्कारवान मनुष्य की समझ सकता है। श्री आचार्य ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रत्येक महीने के अन्तिम मंगलवार को वेद मंदिर में सत्संग का आयोजन हुआ करेगा। सत्संग से पूर्व वेद मन्दिर यज्ञशाला में वेद मंत्रों से यज्ञ किया गया, जिसमें ग्रामीण अंचल से आये श्रद्वालुओं ने आहुति देकर अपने आप को धन्य किया। वेद पाठ गुरूकुल विश्वविद्यालय वृन्दावन के ब्रम्हचारियों द्वारा किया गया। भजनोपदेशक महाशय देवी सिंह आर्य व कुसमलता आर्या के भजनों के माध्यम से महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुये श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से आचार्य हरीप्रकाश, आचार्य शत्रुजीत, आचार्य सत्यप्रिय आर्य, भगतसिंह वर्मा, अमर सिंह पौनियां, हरी सिंह आर्य, प्रेम सिंह जादौन, रामबिहारी आर्य, प्रभूूदयाल आर्य, अतुल पहलवान आदि उपस्थित रहे।


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