कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम को बड़ी सफलता
तीन आरोपियों से 19.61 लाख रूपये बरामद
लूट के पैसे से नई स्कार्पियो और 15 लाख का प्लाॅट खरीदा था बदमाशों ने
मथुरा। दो सप्ताह पूर्व लखनऊ से जा रहे हवाले के पौने तीन करोड़ रूपये के कैश को लूटने वाले तीन बदमाशों को शहर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम के सहयोग से दबोच लिया गया। इन लोगों के पास से पुलिस को 19.61 लाख रूपये नगद बरामद हुये हैं। बदमाशों ने इन पैसों से टाटा स्काॅपियो और 15 लाख रूपये कीमत का प्लाॅट भी खरीद लिया था। तीन बदमाश पुलिस के हत्थे चढे हैं जबकि इनके आठ सहयोगी अभी पुलिस की पकड़ से फरार हैं। इतने बड़े खुलासे में कोतवाली पुलिस की अहम भूमिका रही है।
आज इसका खुलासा करते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ. आरके सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान सिंह महोली रोड पर चैकिंग कर रहे थे तभी स्वाट टीम प्रभारी उदय प्रताप ने बताया कि सफेद स्कार्पियो में दिल्ली की ओर से बदमाश आ रहे हैं जिनका पुलिस पीछा कर रही है। इनको आगे घेराबंदी करके पकड़ लिया जाये। इस पर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर मण्डी चैराहा पर बदमाशों को रोका तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। स्वाट टीम और कोतवाली पुसिल ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को पकड़ लिया। पकड़े गये बदमाशों में अखिलश कुमार उर्फ अखिल पुत्र दलवीर सिंह जाट निवासी हृदय की नगरिया थाना गौण्डा जिला अलीगढ हाल निवासी 55 गणेशपुरम कालोनी थाना सदर बाजार, यशपाल पुत्र रामप्रसाद निवासी भैंसा थाना रिफाइनरी और रनवीर सिंह पुत्र स्व. विजय सिंह निवासी नगला चैधरी थाना वृन्दावन हाल निवासी पुष्पांजलि उपवन थाना हाईवे हैं। पुलिस ने इनके पास से 19 लाख 61 हजार रूपये नगद, 15 लाख रूपये के प्लाट के कागज, साढ़े दस लाख रूपये की नई स्कार्पियो, घटना में प्रयुक्त अन्य स्कार्पियो, एक तमंचा औरा चार जिंदा व एक खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किये हैं। पकड़े गये तीनों बदमाशों ने बताया कि गत 22 अगस्त को इन्होंने अपने आठ साथियों के साथ मिलकर लखनऊ से दिल्ली जा रहे एमएच 5521 गाड़ी को हाईजैक कर दो लोगों को बंधक बनाकर ढाई-तीन करोड़ का कैश लूट लिया था। यह पैसा हवाला का था। लूट के दौरान काफी कैश उस गाड़ी में छूट भी गया था। बदमाशों ने बताया कि कैश में से हम तीनों के हिस्से में करीब 48 लाख रूपया मिला था जिसमें अखिलेश ने साढे दस लाख की एक नई स्कार्पियो तथा 15 लाख का प्लाट खरीद लिया था। पकड़े गये अभियुक्त अखलेश ने बताया कि मेरे गांव का नरेश शर्मा दिल्ली मंे रहता था। मेरा उसके पास आनाजाना था। नरेश के पास सुनील वर्मा का आना जाना था। मेरी दोस्ती सुनील वर्मा से हो गयी। सुनील ने मुझे घटना से 15 दिन पहले लखनऊ बुलाया और बताया कि हवाला का काफी रूपया गाड़ी से दिल्ली जाता है और मुझे गाड़ियों के नम्बर दिये। मैंने मथुरा आकर यह बात तिलकबीर जो मेरे गांव का है और रिश्ते में चाचा है को बतायी। जिन्होंने 20 अगस्त को राजू बादल मय स्विफ्ट डिजायर यूपी 85 एएम 3030 बल्ली, अनिल बल्ली, अनिल चैधरी मय टाटा सफारी संख्या यूपी 85 2901 व योगेश की स्कार्पियो यूपी 16 बी 1110 को एकत्रित किया और पांच नये मोबाइल सिम डलवाकर गाड़ियों में एक दूसरे को दे दिये और लखनऊ जाकर होटल में रूके। अखिलेश ने रैकी की और 21 अगस्त को लखनऊ एयरपोर्ट के पास से साढे नौ बजे सायं स्कार्पियो संख्या एमएस 5521 जो हवाला का कैश लेकर दिल्ली को चली उसे शिकोहाबाद के पास ओवरटैक कर कैश लूट लिया। बदमाशों ने दोनों चालकों को बंधक बनाकर अपनी गाड़ी में डाला और ताज एक्सप्रेस वे पर उतार दिया। तिलकवीर ने अपने घर में सारा रूपया उतरवा लिया। पकड़े गये तीनों अभियुक्तों ने बताया कि इस वारदात में हमारे साथ आठ अन्य लोग भी थे। जिनमें तिलकवीर पुत्र राजवीर जाट निवासी कृष्ण बिहार कालोनी कोतवाली मथुरा, राजू बादल पुत्र गोपाल बादल निवासी 88 लाजपत नगर बजरंग ढावे वाला थाना हाईवे, बल्ली पुत्र गोपाल सिंह निवासी धाना तेजा रिफाइनरी, अनिल चैधरी पुत्र दुर्गपाल, राजेश, छोटू, कान्हा, नीटू पुत्र अतवीर सिंह निवासी हृदय की नगरिया थाना गौण्डा जिला अलीगढ हैं जो पुलिस की गिरफ्त से फरार हैं।





