कवियों ने याद किया पंकज को

मथुरा। कवि व चित्रकार स्व़ कुंदनलाल पंकज के जन्मदिवस पर हिन्दी प्रचार सभा द्वारा डा़ नटवर नागर की अध्यक्षता में कवि गोष्ठी हुई। इस अवसर पर डा़ सुरेश पांडे ने कहा कि कुंदनलाल पंकज बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे, उनका मार्गदर्शन हमें मिलता रहा। कार्यक्रम की शुरूआत गीतकार रविन्द्रपाल सिंह रसिक की सरस्वती वंदना से हुई। कवि नटवर नागर ने कहा कि मन में लंका और अवध, मन में रावण और राम, मन में ‘नटवर’ नित चले देवासुर संग्राम। डा़ सुरेश पांडेय ने कहा कि पैसे वालों में ईमान कहां होता है, निर्धन का सम्मान कहां होता है।, कवि योगेश पंकज, गोविन्द बंसल ने भी अपनी-अपनी कविताएं पढ़ी। इस अवसर पर आदेश शर्मा, जगदीश मिश्रा, राधामोहन पाराशर, बंसत राठौर आदि उपस्थित थे।


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