मथुरा। कार्तिक मास, चार्तुमासों में सबसे अहम मास है जिसमें लक्ष्मीनारायण का आर्शीवाद प्राप्त करने हेतु अपने परिवार की शुभकामनाओं हेतु एवं ग्रहस्थ जीवन सुखपूर्ण मनाने हेतु महिलायें इस मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान करके तुलसी सालिगराम की कथायें सुनती हैं और तुलसी सालिगराम को अर्पित करते प्रकाश देने हेतु दीपक जलाती प्रभु से परिवार की शुभकामना की प्रार्थना करती हैं। धर्मालु महिलायें जहां घरों में तुलसी के पौधों को रखकर उसका पूजन व कथा कहकर दीप जला रही है वहीं काफी महिलायें यमुना किनारे आकर रोजाना यमुना स्नान करके तुलसी पौधों को सामने रखकर दीप जलाकर कथा कह रही हैं। वहीं काफी महिलायें प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में तुलसी सालिगराम की कथा कर पूजन कर रही हें। वृन्दावन, राधाकुण्ड, गोवर्धन, गोकुल, महावन, दाऊजी में भी धर्मालु महिलायें इस पुण्य व्रत को कर रही हैं। प्रातः बेला में यमुना के किनारे भव्य दीपों की श्रृंखलायें लगने से बड़ा मधुर दृश्य देखा जा रहा है। वहीं इस मास का और पुण्य प्राप्त करने हेतु मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन की परिक्रमा भी लगाकर पुण्य कमा रहे हैं।





