मथुरा। अखिल भारतीय किसान सशक्तिकरण अभियान के आखरी दिन भाहई, बरारी, नगला मेंडकी, कोसी खुर्द, मुडेसी में कार्यक्रम हुए। अभियान के गाॅंव में पहुॅंचने पर किसानों में उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने रुचि से शास्वत योगिक खेती की जानकारी ली। टीम प्रमुख बीके राजेन्द्र ने किसानो को सम्बोधित करते हुये कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान ही हमारे देश की रीढ है लेकिन रासायानिक खाद व दवाओं से जमीन बंजर होती जा रही है और उपज कम हो रही है इसके लिए हम ही दोषी है। हमे जैविक खाद व दवाओं का प्रयोग करना होगा। उन्होंने शाश्वत यौगिक खेती करने के गुर सिखाये और जैविक खेती करने कि सलाह दी। जैविक खेती करने से अनाज का मूल्य तिगुना मिलता है। बीके करुणा, बीके रीना बहन ने राजयोग से खुशनुमा जीवन और जीवन की अमूल्य निधी श्रेष्ठ है विचार पर प्रकाश डाला। बीके मधु , बी रागिनी एवं बीके सुनिता बहन ने परमात्मा से मिलन का अभ्यास कराया। अंत मे बीके राम रक्ष पाल ने लोगो को जादू दिखाकर लोगों को सचेत किया। कार्यक्रम का संचालन बीके जयन्त, बीके रामवीर, बीके किशन, बीके सुरेन्द्र, बीके नारायण, बीके राकेश, बीके तौमर ने किया।





