गोकुल बैराज डूब क्षेत्र के मुद्दे को शांति द्वारा हल किये जाने की मुहिम- प्रदीप माथुर

भाजपा की क्षेत्रीय राजनीति से किसानों को उठाना पड़ सकता बड़ा नुकसान- काग्रेंस

मथुरा। नेता काॅग्रेस विधान मण्डल दल एवं विधायक मथुरा वृन्दावन प्रदीप माथुर ने गोकुल बैराज प्रकरण पर होटल मधुवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस भूमि का मुआवजा दिये जाने के मुद्दे पर किसानों के साथ अनेको दलों राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोकुल बैराज उनके अथक प्रयासांे से मथुरा वृन्दावन क्षेत्र के पेयजल की समस्या के स्थानीय निदान के लिये तत्कालीन काॅग्रेस शासित सरकार के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह तथा पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा स्वीकार किया गया था तथा वर्ष 1988 में इस बैराज का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा किया गया था। शुरूआती दौर में इस बैराज की लागत लगभग 27 करोड़ रू0 थी। काॅग्रेस सरकार के जाने के बाद भाजपा, सपा तथा बसपा की सरकारें रहीं। विधायक प्रदीप माथुर ने गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र गाॅवों में मुआवजा दिये जाने का मुद्दा विधान सभा में उठाया तथा व्यक्तिगत् तौर पर भी प्रयास किये। ज्ञात रहे कि इस बैराज का उद्घाटन तत्कालीन नगर विकास मंत्री भाजपा के लाल जी टण्डन द्वारा किया गया था। विधायक श्री माथुर ने कहा कि गोकुल बैराज डूब क्षेत्र के 8 गाॅवों के किसानों के साथ ज्यादादती हुई कि उनकों अब तक मुआवजा नही मिल सका है। लगभग इन 27 सालोें में यदि गोकुल बैराज के किसानों को मुआवजा मिल गया होता तो इस पैसा की धनराशि 3 या 4 गुना हो गई होती। विधयक माथुर ने कहा कि भाजपा अराजकता का माहौल फैलाकर जनपद का वातावरण प्रदूषित करने का आरोप लगाया, तथा बताया कि यदि भाजपा के लोग इतने सजग होते तो अपने कार्यकाल में किसानों का मुआवजा दिलवा दिया होता। उन्होंने बताया कि भाजपा माहौल बिगाड़ने और अराजकता फैलाने में महारत हासिल है। इन्हांेने इसी तरह पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले दंगे तथा हिंसाा फैलाकर वोटों का धु्रवीकरण करके प्रदेश में भारी जीत हासिल की इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, नगर विकास मंत्री आजम खाॅ तथा अधिकारियो से सामंजस्य बिठाया तथा उनसे भेंट कर डूब क्षेत्र के किसानोें की मुआवजे की धनराशि को 3 किस्तों में शासन के स्थानीय स्तर दिलवाया। जब यह डूब क्षेत्र में यह दंगा हुआ तब धारा 4 का समय समाप्त हो चुका था। धारा 4 के पुनः प्रकाशन कराया जाना है इसके साथ साथ 3 गाॅवों मुआवजा दिये जाने की कार्यवाही पूरी की जा रही है। यह मुद्दा ऐसा नही है जिस पर अराजकता का माहौल बनाया जाये। भाजपा भोले भाले गाॅवों के लोगों को बहला कर अपनी राजनीति की रोटियाॅ सेक रही है तथा सरकारी सम्पत्तियों को नुक्सान पहॅुचा रही है। उन्होंने यह कहा कि इस दौरान जिन निर्दोष लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनके लिये वे मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से मिलेंगे तथा इस विधान सभा सत्र के दौरान उनके नामों को निकलवाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ साथ मुआवजे की धनराशि को दिलवाये जाने तथा भूमि के वर्तमान रेट के अनुसार मुआवजे की धनराशि  दिलवाये जाने का प्रयास करेंगे। श्री माथुर ने कहा कि यह मुद्दा लगभग समाप्त होने जा रहा था उस पर गतिरोध पैदा नही किया जाना चाहिये। उन्होंने बताया कि वह मथुरा वृन्दावन क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने शिवपाल यादव से मिलकर शहर की सड़क बनवाने के लिए धनराशि स्वीकृत करा दी है शीघ्र ही शहर की सड़कों की दशा सुधर जायेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदेश सरकार से शहर में अन्डर ग्राउड केबिल डालनें के लिए 360 रूपयें की योजना स्वीकृत कराई जिसका कार्य चालू हो चुका है लेकिन केबिल डालनें वाले ठेकेदार शहर के बाहरी क्षेत्र में तो केबिल डाल रहें है लेकिन शहर के अन्दरूनी क्षेत्रों में केबिल नहीं डाली जा रही हैं इसके साथ ही कार्य गुणवत्ता पूरक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार व विभागीय लोगों की मिली भगत बताते हुए सरकारी पैसे का वन्दर वाट होने की बात कहीं। श्री माथुर ने बताया कि मथुरा को नगर निगम बनाया जाये लेकिन वृन्दावन को इसकी सीमा से वाहर रखा जाये। इसके लिए उन्होंने नगर विकास मंत्री से वार्ता कर अपनी बात उनके सामने रख दी हैं। श्री माथुूर ने बताया कि उन्होंने शासन से नगर पालिका मथुरा व वृन्दावन को लाखों रूपयें की धनराशि अवमुक्त कराकर भेजी है लेकिन दोनो ही पालिका के चैयरमैन उक्त पैसे का उपयोग नहीं कर रही हैं। जिससें शहर की गई सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई हैं। इस अवसर पर काग्रेंस जिलाध्यक्ष आबिद हुसैन, पूर्व शहर अध्यक्ष बिहारीकान्त तिवारी, यतीन्द्र मुकदम्, आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।

 


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