मथुरा। जवाहरबाग काण्ड के मास्टर माइन्ड चन्दन बोस व उसकी पत्नी मंजू बोस को आज भारी सुरक्षा के बीच मुख्य दण्डाधिकारी न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। उधर न्यायालय ने रामवृक्ष यादव की मौत को खारिज करते हुए पुलिस व सीएमओ को रामवृक्ष के विसरे से डीएनए की जांच कराये जाने के निर्देश दिये हैं।
02 जून को जवाहरबाग मुक्ति को लेकर हुई हिंसा में उपद्रवियों के सरगना रामवृक्ष यादव सहित दो दर्जन उपद्रवियों की मौत के वाद से रामवृक्ष यादव का करीबी चन्दन बोस फरार था जिसे गत दिवस बस्ती से क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया था। मथुरा पुलिस देर रात विधिक कार्यवाही के वाद चन्दन बोस व उसकी पत्नी को मथुरा ले आई जिन्हें आज सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनो पति पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। न्यायालय ने उपद्रवियों के सरगना रामवृक्ष यादव की पुलिस व प्रशासन द्वारा किये जा रहे मौत के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि चूंकि रामवृक्ष की शिनाख्त के समय उसका कोई परिजन मौके पर मौजूद नहीं था इस लिये रामवृक्ष के पोस्ट मार्टम से लिये विसरे की डीएनए जांच कराई जाय। न्यायालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों को यह आदेश दिये हैं। न्यायालय के इस आदेश के वाद पुलिस व प्रशासन नई मुसीबत में पड़ गया हैं जहां पुलिसऔर प्रशासन उसकी मौत का दावा कर चुका है वहीं रामवृक्ष की मौत को लेकर न्यायालय संशय में है। अब रामवृक्ष के विसरे के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के वाद ही यह तय हो सकेगा कि आखिर रामवृक्ष जिन्दा है या मुर्दा और यदि जिन्दा है तो उसे खोज पाना पुलिस के लिये बड़ी चुनौती सावित हो सकता है।





