-जन सेवा केन्द्रों से बनाये जाते है प्रमाण पत्र : तहसीलदार
छाता। कानूनगो कोसीकलां धर्मराज सिंह का कहना है कि कोसी कला निवासी गिर्राज बाल्मीकि ने जाति प्रमाणपत्र बनाने की एबज में 65 हजार रुपये रिश्वत लेने का जो आरोप लगाया है वह बेबुनियााद है। किसी से कोई पैसा नही लिया गया है। राजस्व निरीक्षक का कर्तव्य केवल इतना है कि लेखपाल की रिपोर्ट का सम्प्रेषण करना है। गिर्राज राजनैतिक आदमी है। यह कई बार गलत कार्य लेकर तहसील छाता में आया था जो नही किये गये है। इससे कुपित होकर धमकी भी दी गई थी कि चुनाव बाद किसी झुठे षडयंत्र में फंसाया जायेगा। तहसीलदार वीरेन्द्र का कहना है कि आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र जन सेवा केन्द्रो से बनाये जा रहे है। वही प्रर्थाना पत्र जमा होते है और वही पर वितरित किये जाते है। उसका प्रमाणपत्र भी जन सेवा केन्द्र से बनाया गया है। तहसील कार्यालय स्थित एकल खिड़की से नही बनाया गया है। जिसकी जॉच की जा रही है। वही लेखपाल सुलेमान का कहना है कि उक्त नेता एक दलाल किस्म का व्यक्ति है। अक्सर गलत कार्य कराने का ठेका लेकर राजस्व कर्मियो पर अनैतिक दबाव बनाने का आदी है। जाति प्रमाण पत्र बनाने का मामला दो माह पूर्व का है। रंजिशन तहसील कर्मचारियो की अवैध रुप से शिकायत की गयी है।





