
मथुरा। जनपद के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, आर्किटक्चरल और मैनेजमैन्ट संस्थान जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीटयुशन्स की अपनी फैकल्टी को वैश्विक स्तर की टेनिंग देने की अनूठी पहल फैकल्टी में नये जोश का सबब बन रही हैं। अनेकों फैकल्टी संस्थान की इस परिर्वतन एवं रूपान्तरण वादी सोच का फायदा उठाते हुये विभिन्न राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में अपने शोध प्रपत्र प्रस्तुत कर रहे है। इसके अलावा अनेकों राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए संस्थान उन्हें लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। इसी प्रोत्साहन का नतीजा है कि संस्थान के युवा एवं होनहार रसायन विज्ञान विभाग की फैकल्टी डाॅ0 अमित पाराशर के लगातार अन्तर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में अपने प्रपत्र प्रस्तुत करने के क्रम में हाल ही में यूनाइटेड किंगडम के विख्यात इंटरनेशनल जर्नल मेडिसिनल कैमिस्ट्री एण्ड एनालिसिस में न्यूट्रेन्स पर आधारित शोध प्रपत्र प्रकाशित हुआ है। इस नवीन एवं मौलिक क्रान्तिकारी शोध ने पूरे अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान न केवल अपनी ओर खीचा है, बल्कि वैज्ञानिक जगत में हलचल मचा दी है। ज्ञातव्य है कि इस शोध में डाॅ0 पाराशर ने अपने अध्ययन के लम्बे अनुभव और फलों के ऊपर शोध को आधार बनाया है। वर्तमान में डाॅ0 पाराशर इंजीनियरिंग काॅलेज जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स में रसायन डिर्पाटमेन्ट में प्रोफेसर पद पर कार्यरत है। डाॅ0 पाराशर के अभी तक आधा सैंकड़ा से अधिक शोधपत्र राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुकेे है तथा करीब 20 शोधपत्रों का विभिन्न प्रतिष्ठित ग्रन्थों में प्रस्तुतिकरण कर चुके है। इसके अलावा रसायन विज्ञान की प्रतिष्ठित संस्थानों अमेरिकन कैमिकल सोसायटी, इंटरनेशनल जर्नल आॅफ फिजिकल साइंस, यूके, इंटरनेशनल जनरल आॅफ बायो कैमिस्ट्री यूएसए, टैट्रा हाइड्रोजन आॅफ कैमिस्ट्री के भी सम्मानित सदस्य है। हाल ही में उन्हें बैंकोंक, थाइलैन्ड इत्यादि देशों में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रण प्राप्त हुआ है। डाॅ0 पाराशर ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता पिता के अलावा जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स की निदेशक डाॅ0 मीनू गुप्ता को दिया है।





