नई दिल्ली । जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक को राज्यसभा से अनुमति मिल गई। इसके बाद केंद्र सरकार काफी खुश नजर आ रही है। जीएसटी संशोधन बिल पर गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जेटली ने कहा कि समान टैक्स की दिशा में जीएसटी एक अहम कदम है। हमने शायद ही आज तक किसी बिल के पास होने को लेकर लोगों का इतना उत्साह देखा होगा, जीएसटी बिल में देरी से जनता बेचैन हो रही थी। उन्होंने कहा कि जीएसटी बिल सर्वसम्मति से पास हुआ और सभी राज्यों का भी सहयोग मिला। जीएसटी लागू होने पर भारत में बिजनेस करना और आसान हो जाएगा। अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी से कई चीजों के दाम घटेंगे। हम जल्द से जल्द इसे लागू करने की कोशिश करेंगे। गौरतलब है कि राज्यसभा ने बुधवार को 7 घंटे की लंबी चर्चा के बाद आर्थिक सुधारों की श्रंखला में बहुप्रतीक्षित व बहुप्रचारित जीएसटी संविधान संशोधन बिल को मंजूरी दी गई। इसके समर्थन में 203 मत पड़े। एआईएडीएमके ने इस विधेयक के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया। इससे पहले सरकार ने कांग्रेस के एक प्रतिशत के अतिरिक्त कर को वापस लेने की मांग को मान लिया तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया कि जीएसटी के तहत कर दर को यथासंभव नीचे रखा जाएगा। इसके साथ ही देश भर में जीएसटी व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यसभा में देर शाम तक करीब छह घंटे की चर्चा के बाद इस पर मतदान किया गया। राज्यसभा ने जीएसटी के लिए संविधान (122वां संशोधन) विधेयक, 2014 को पारित कर दिया, जिसे लोग जीएसटी विधेयक के रूप में जानते हैं। यह विधेयक लोकसभा में पहले पारित हो चुका है। किन्तु चूंकि सरकार की ओर से इसमें संशोधन लाए गए हैं, इसलिए अब संशोधित विधेयक को लोकसभा की मंजूरी के लिए फिर भेजा जाएगा। कांग्रेस इसे धन विधेयक के बजाय वित्त विधेयक के रूप में लाने की मांग कर रही थी। इस पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस पर कोई भी फैसला सभी पार्टियों से बात करने के बाद ही किया जाएगा।
साभार-khaskhabar.com






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