ज्ञानदीप में गायत्री साहित्य पुस्तक मेला

पुस्तकें प्रभु का साक्षात् विग्रह

गोवर्धन रोड स्थित ज्ञानदीप शिक्षा भारती में गायत्री तपोभूमि के सौजन्य से पुस्तक मेला आयोजित किया गया जिसमें गायत्री तपोभूमि के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा द्वारा रचित शिक्षा साहित्य, संस्कृति, धर्म, आध्यात्म, विज्ञान, महापुरूषों के जीवन चरित्र आदि विषयक 3200 से अधिक प्रेरणात्मक पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया था।

पुस्तक मेला का शुभारम्भ करते हुए ज्ञानदीप के सचिव मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि पुस्तकें प्रभु का साक्षात् विग्रह हैं। भगवान् जिस प्रकार ज्ञान का भंडार हैं , संसार के मार्ग दर्शक हैं वही महत्ता पुस्तकों की है। परिवार में सत्-साहित्य अमूल्य निधि से भी बढ़कर है।

ज्ञानदीप के शैक्षिक निदेशक के0 जी0 माहेश्वरी ने विद्यार्थियों से कहा कि पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त वे पुस्तकें भी पढ़ा जाना आवश्यक है जिनसे जीवन - मूल्य प्राप्त होते हैं। प्रधानाचार्या श्रीमती निधि भाटिया ने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित हजारों पुस्तकों में मात्र कोई भी एक पुस्तक सम्पूर्ण समाज को सही दिशा प्रदान करने में सक्षम है।़ 

प्रारंभ में गायत्री तपोभूमि के श्री रवीन्द्र तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यार्थी पुस्तक मेला व्यावसायिक दृष्टिकोण से परे प्रत्येक वर्ग तक संस्कृति के आधारभूत सिद्धान्तों को जन-जन तक पहुँचाने का रचनात्मक प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में बुद्धि बढ़ाने की वैज्ञानिक विधि, अधिकतम अंक पाने के उपाय, प्रतिभा संबर्धन के विज्ञान सम्मत प्रयास, स्वस्थ रहने के सरल उपाय आदि जीवन के प्रत्येक क्षण में उपयोगी पुस्तकों को सम्मिलित किया गया है।

ज्ञानदीप के हजारों बच्चों ने रुचि पूर्वक पुस्तक मेले को देखा और प्रेरणा प्राप्त की। पुस्तक मेला विद्यार्थियों तथा अभिभावको के लिए 24 नवम्बर सोमवार तक प्रातः 10 से 2 बजे तक खुला रहेगा।

 


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