गोवर्धनसोमबार की साम आयी तेज आधी ने गोवर्धन तहशील के गांव झपरा में कहर बरपा दिया। तेेज आधी के साथ कच्चे मेंदानी भटटे की आग आधी के कारण गांव में फैल गयी। जिसके कारण लगभग पचास से साठ मकान जलकर खाक हो गये। कच्चे मकानो में बधे पशु काफी तादाद में झुलस गये तो वही ग्रामीणों लाखो रूप्ये का नुकसान हो गया। घटना की सूचना पाकर जिले के आला अधिकारी मोके पर पहुचे। गांव में लगी भयंकर आग को बूझाने के लिए जिले भर की दमकल भी कम पड गयी। आग पर काबू पाने के लिए पडोसी राज्य राजस्थान से अधिकारियों ने दमकलो को मगबाया। आग इतनी भयंकर थी कि आग पर काबू पाना नामुकिन लग रहा था। कई घन्टे में आग पर काबू पाने के लिए दर्जनों दमकलो के साथ सैकडो ग्रामीणें ने बामुस्किल आग पर काबू पाया लेकिन तब तक गरीबो के आशियाने जलकर खाक हो चुके थे। गांव का यह दर्दनाक मंजर देख जिले के आलाधिकारी भी शिहर उठे। मंजर कुछ एसा था कि जिधर देखो उधर चीख पुकार और हाहाकार । गांव में लगी आग मंगलवार की सुवह कही जाकर ठन्डी हुई लेकिन गांव झपरा के लोगो में रात्रि में हुए खोफनाक मंजर को देखकर आंखों के आंशू नही रूक पा रहे है। वही तहशील दार ब्रजपाल यादव ने गांव झपरा पहुचकर पीडितो को शासन से मदद दिलाने का आश्वासन दिया। तो वही गांव प्रधान देवी सिह ने आगजनी से पीडित ग्रामीणों के लिए भेजन इत्यादि की व्यवस्था करायी है। पीडित ग्रामीणो की मदद के लिए कुछ सामाजिक संस्था भी पीडितो के दर्द पर मरहम लगाने के लिए आगे आयी है। राधाकृष्ण सेवा समिती के सचिब पूरन कोशिक व समाजसेवी महादेव पान्डे ने गांव झपरा पहुचकर पीडित ग्रामीणों से मुलाकात की तथा ग्रामीणों को राधाकृष्ण सेवा समिती की तरफ से हर संम्भव मदद करने का आश्वासन दिया है। इस आपदा में लगभग 50 परिबार प्रभावित हुए है। जिनके पास आज की तारीख में अन्न का दाना तक खाने को नही है। वही आग से प्रभावित हुए पशु भी गांव में दर दर की ठोकरें खा रहे है। वही महिलाओं व बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है। आपदा के शिकार हुए लोगो में डर का माहोल है।





