झूठे मुकदमे में फंसाने पर गौसेवकों में आक्रोश

झूठे मुकद्में में फंसा गौ सेवक के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर एसएसपी के यहां प्रदर्शन करते गौरक्षा समिति राया के कार्यकर्ता 

मथुरा। कल राया में गौसेवकों पर चैथ वसूली का आरोप लगाकर राया थाने में बंद कर देने और उत्पीड़न के मामले में आज गौसेवकों ने प्रदर्शन कर एसएसपी निवास पर उन्हंे एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया है कि रात्रि करीब साढे दस बजे राया के गौसेवकों को जानकारी मिली कि ट्रक संख्या आरजे 19 जीए 3452 में गौवंश तस्करी से राजस्थान से चलकर रामपुर कटान के लिये ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर भारतीय गौरक्षा समिति राया के कार्यकर्ता डबल फाटक राया के पास खड़े होकर ट्रक का इंतजार करने लगे। रात करीब साढे दस बजे यह ट्रक आया जो तिरपाल से पूरी तरह बंद था। उसे रोकने का प्रयास किया तो ट्रक चालक ने ट्रक भगाने की कोशिश की लेकिन स्पीड ब्रेकर के कारण ट्रक स्पीड नहीं पकड़ पाया और गौसेवकों ने उसे रोक लिया। निकट ही पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। जब इन लोगों ने पुलिसवालों से कहा कि इस ट्रक में गौवंश लदा है आप इसकी जांच करें लेकिन पुलिसवालों ने ट्रक को भगा दिया और गौसेवकों को थाने पर लाकर पहले डाॅक्टरी मुआयने को अस्पताल भेजा और वापिस थाना लाकर थानाध्यक्ष, एक सिपाही व होमगार्ड ने सभी गौसेवकों को जमीन पर डालकर बुरी तरह पीटा, मोबाइल छीन लिये और धमकाया। इन लोगों ने कहा कि राकेश बंसल कहां है उसे भी लाओ उसे भी ठीक करते हैं। उसको यह काम करना भुला देंगे। हम गौसेवकों के विरूद्ध ड्राइवर पर थानाध्यक्ष ने बोल बोलकर तहरीर लिखवाई और झूठा मुकदमा दर्ज कराकर हवालात में बंद कर दिया। एसएसपी के हस्तक्षेप पर हमें छोड़ा गया। पीडि़तों ने दोषी थानाध्यक्ष और गौ तस्करी में संलिप्त राया पुलिस के सिंडिकेट को खत्म करने और दर्ज मुकदमा समाप्त करने की मांग की। इस अवसर पर आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, गोपश्व नाथ चतुर्वेदी, सचिन चतुर्वेदी, प्रेम सिंह, विजय बहादुर, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, राकेश बंसल सहित काफी संख्या में गौभक्त मौजूद थे।


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