दलितों को मंदिर में न घुसने की शंकराचार्य की नसीहत पर दलितों में आक्रोश

मथुरा। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती द्वारा दलितों को मंदिर में प्रवेश न दिए जाने संबंध्ी बयान पर दलित समाज में आक्रोश व्याप्त है। वरिष्ठ कांगे्रस नेता व दलित हितैशी बबलू चैहान बाल्मीकि ने शंकराचार्य के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए देश से जातिवाद की राजनीति समाप्त करने व देश हित की सोच रखने की बात कही है।  ज्ञात रहे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने दलितों को मंदिर में प्रवेश न दिए जाने की नसीहत दी थी। इससे दलित समुदाय के लोगों में आक्रोश की भावना पनप रही थी। एससी/एसटी आयोग ने भी इस बयान पर संज्ञान लेते हुए आयोग के वाइस चेयरमैन डा. राजकुमार बेरका ने झारखंड के डीजीपी को शंकराचार्य के खिलापफ मामला दर्ज कर 15 दिन के अंदर गिरफ्रतारी करने के आदेश दिए हैं। स्थानीय कांग्रेस नेता बबलू चैहान बाल्मीकि का कहना है कि शंकराचार्य ने ऐसा बयान देकर देश में भाईचारे की भावना को खत्म करने व जाति-मजहब के नाम पर बांटने का काम किया है। कानून के अनुसार ऐसे लोग सजा के हकदार हैं। बबलू चैहान बाल्मीकि ने प्रदेश व केन्द्र सरकार से भी मांग की है कि जाति-मजहब के नाम पर लोगों को बांटने वाले लोगों के खिलापफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए और देश में भाईचारे की भावना पैदा कर उन्नती का मार्ग प्रशस्त किया जाए। 


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