केंद्र्र सरकार की मुद्रा बैंक योजना दीनदयालजी के सपनों के अनुरुपरू पयर्टन मंत्री
फरह। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री दिनेशचंद ने कहा दीनदयालजी उप्र में संघ के पहले प्रचारक बने। वे आर्थिक, सामाजिक और गरीब-मजदूर वर्ग के लिए व्यापक सोच छोड़ गए। दीनदयालजी को सामाजिक और राजनीतिक विभूति की संज्ञा देते हुए दीनदयालजी को उन्होंने संपूर्ण समाज के उत्थान का हितैषी बताया।
यह विचार उन्होंने दीनदयाल धाम में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंघ् दीनदयाल उपाध्याय के जन्मोत्सव पर आयोजित सार्वजनिक सभा में व्यक्त किए। दीनदयालजी को अंत्योदय का हिमायती बताते हुए कहा, हल्की, दुबली काया के बावजूद वे कठिन परिश्रम करते थे, जिसका श्रेय परमेश्वर को देते थे। जन्म शताब्दी की चर्चा करते हुए विहिप नेता ने बताया, संघ समिति बनाकर शताब्दी वर्ष कार्यक्रम मनाएंगा, जिसमें ग्राम स्तर पर दीनदयालजी के विचारों और सपनों को पहुंचाया जाएंगा। उन्होंने कहा, हमें ऐसे कार्यक्रम बनाने होंगे, जिससे लोग दलगत राजनीति से उठकर जुड़े और समाज को इसका लाभ मिल सके। केंद्रीय पयर्टन मंत्री महेश शर्मा ने दीनदयाल के विचारों का स्मरण करते हुए कहा, समाजवाद और पूजींवाद के मुकाबले को उन्होने एकात्ममानव वाद का दर्शन दिया, तो समाज के सबसे आखिरी छोर पर बैठे व्यक्ति के उत्थान को अंत्योदय का दर्शन दिया, जिसकी आज देश में ही नहीं विश्व में भी चर्चा हो रही है। भारत दीनदयाल जी के सपनों में बसता था। गांधी और लोहिया के बाद भारत में भारत की खोज करने के निए दीनदयालजी के प्रयास से जनसंघ और बाद में भाजपा बनी, आज पार्टी उनके सपनों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार भी दीनदयाल के सपनों और दर्शन को आगे बढ़ा रही है, साहूकार के कर्ज से से गरीब और श्रमिक वर्ग को बचाने के लिए मुद्रा बैंक योजना शुरू की गई, जिससे आम आदमी को ीाहत मिलने का काम हुआ। पयर्टन मंत्री ने कहा, नई सोच और नई खोज के साथ पार्टी समाज के उत्थान को काम कर रही है, लेकिन देश में कुछ परिवार के नाम पर संचालित दल इसमें रोड़ा बनें हैं। मथुरा के धार्मिक स्वरूप की चर्चा करते हुए पयर्टन मंत्री ने बताया, देश में करीब 95 लाख शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन परिक्रमा मार्ग में ऐसा कुछ नहीं। अब 140 करोड़ की राशि से मथुरा का धार्मिक स्वरुप बदलेंगे। मथुरा को रमणीक और याद्गार बनाएंगे। उन्होंने कहा, दीनदयालजी स्वाभलंबन के जरिये देश को उूंचा उठाने को प्रयासरत थे औ वे ऐसा दर्शन दे गए हैं, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के उत्थान में जुटे हैं। इस दौरान फतेहपुरसीकरी के सांसद चैघ् बाबूलाल, बुलंदशहर के सांसद भोलासिंह ने भी विचारों से दीनदयाल जी को याद किया। स्मारक समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश, मंत्री डॉघ् रोशनलाल आदि ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता शिक्षक बलवीर प्रसाद शर्मा ने और संचालन मेला महामंत्री अशोक कुमार टैंटीवाल ने किया। इस दौरान ओमप्रकाशजी, कामता प्रसाद, पूर्वमंत्री रवीकांत गर्ग, चैघ् उदयभान सिंह, संजय गोविल, चेयरमैन जयपाल सिंह, भगवत रुहेला, मुकेश गौतम, अनिल, मनीष गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, रमाशंकर पचैरी, हरीशंकर पाठक, जगमोहन पाठक, ब्रजमोहन गौड़, ज्ञानेन्द्र शर्मा, दीवान सिंह तरकर, भीकम चंद दुबे, नरेन्द्र सिंघल, सालिगराम वटिया, पूर्व विधायक अजय पोइया, विभोर गोयल, महीपाल सिंह, राजदर्शन पचैरी आदि मौजूद रहे।
दीनदयाल धाम में बनाएंगे राष्ट्रीय स्मारक
केंद्रीय पयर्टन मंत्री महेश शर्मा ने बताया, दीनदयाल धाम में पंघ् दीनदयाल के नाम से एक राष्टीय स्मारक बनाएंगे, जो उनके विचार और दर्शन का मुख्य केंद्र बन सके। दादरी और करहल की घटनाओं को समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पयर्टन मंत्री ने कहा, उनका विभाग तमाम योजनाएं बना रहा हैं, जिससे पयर्टकों को और ज्यादा सुविधाएं हासिल हो सके। उन्होंने बताया, दिल्ली में भी दीनदयालजी के विचारों को लेकर एक पयर्टन केंद्र बनाया गया है।





