नववर्ष 2015 पर गिरिराज तलहटी में उमड़ा श्रद्धालुओं का विशाल जन सैलाब

दानघाटी, मुखारबिन्द, जतीपुरा मंदिरों में पूजा करने की श्रद्धालुओं में होड़ मची

छप्पन भोग अर्पित कर लगायी सप्तकोसीय परिक्रमा

गोवर्धन के दानघाटी मंदिर में नववर्ष की पावन बेला पर गिरिराज जी को छप्पन भोग अर्पित करते सेवायत पवन कौशिक व अन्य

गोवर्धन। नववर्ष 2015 की नूतन बेला का शुभारंभ गिरिराज महाराज की तलहटी में लाखों श्रद्धालुओं ने कुछ अलग ही अंदाज में धार्मिक कार्यक्रमों के बीच किया। श्रद्धालुओं ने ठंड की परवाह किये बगैर गिरिराज महाराज के प्रमुख दानघाटी मंदिर में दुग्धाभिषेक कर पूजा अर्चना की और इसके बाद परिक्रमा लगाई। दानघाटी मंदिर में नूतन बेला की पहली सुबह में प्रातः 5 बजे गिरिराज महाराज का सेवायत मथुरा प्रसाद कौशिक नेे अभिषेक किया तो इसके बाद श्रद्धालुओं की दूध चढ़ाने के लिए होड़ मच गई। मंगला आरती में भोर में ही श्रद्धालुओं का हुजूम मंदिर प्रांगण में पहुंच गया। दोपहर को गिरिराज जी का पूर्ण अभिषेक होने के बाद सेवायत पवन कौशिक के निर्देशन में श्रीनाथ की शैली में गिरिराज जी का विशेष श्रंगार कर प्रभु का छप्पन भोग अर्पित किये। प्रभु के महल में सजा फूल बंगला गिरिराज जी के श्रंगार की शोभा बढ़ा रहा था। ठंडी हवायें प्रभु के दर्शनों लिए श्रद्धालुओं को इस तरह खींच रही थीं, जैसे कि हवाओं का भक्तों पर कोई असर न हो। मंदिर के सेवायत लाला पंडित ने बताया कि नववर्ष की पावन बेला को प्रभु के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर श्रद्धालु मनाते हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से श्री गिर्राज सेवक समिति के मंत्री रमाकांत कौशिक एवं प्रबंधक डालचंद चैधरी के निर्देशन में धार्मिक कार्यक्रम किये गये। वहीं इस पर्व पर पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सहयोग रहा। सुरक्षा व्यवस्थाएं थाना प्रभारी निरीक्षक राजा सिंह के निर्देशन में चाक चैबन्द रहीं। नववर्ष की पावन बेला में आयोजित भजन संध्या में भक्त भगवान सिंह सैनी हलवाई, सभासद राजकुमार गुड्डू, हरिशंकर कौशिक, कन्हैया, हीरा लाल आदि थे। वहीं दूसरी ओर परिक्रमा मार्ग में गिरिराज जी के जय जयकारे गूंजते रहे।

 

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