मथुरा। एक सत्गुरू जो अपने से ज्यादा भक्त को महत्व देते हैं। ऐसे हैं निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज, तभी तो स्वयं हर अनुभव का ज्ञाता होने के बावजुद एक भक्त के अनुभव को महत्व देने लगे। एक सत्संग में निरंकार भक्त राकेश खेड़ा एडवोकेट शामिल हुए, उन्होंने सत्गुरू बाबा हरदेव सिंह से आर्शीवाद लेने के दौरान स्वयंलिखित पुस्तक ‘अनुभव’ प्रस्तुत की जिसे देख निरंकारी बाबा ने लेखक राकेश खेड़ा की प्रशंसा करते हुए सहज में ही अपने करकमलों द्वारा विमोचन कर अपने भक्त के अनुभव को महत्व दिया, जबकि अनुभव के मालिक स्वयं सत्गुरू हैं।





