गोवर्धन। परासौली स्थित सूर कुटी पर सूरदास जी के जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में सायं ब्रज साहित्य परिषद की ओर से बधाई कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में स्थानिय कवि एवं मथुरा के श्याम सुन्दर गोस्वामी, केसी गौड ने काव्यांजली अर्पित की गई। कार्यक्रम में वृन्दावन के कवि अशोक कुमार अज्ञ ने सूर महिमा अर्पित की जाके आंगन हरी खेलत हो, श्याम सुन्दर अकिंचन ने सूरा सौधान पायके, मनवीर मधुर ने सूर सूर है, आगरा की कवियत्री चेतना शर्मा ने बहुत मजबूत था उस वक्त के अनुराग का धागा, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी ने रोटियाॅ आती हैं अपनी महनत से, हाथरस की रूबिया खान ने मेरे बतन को इस तरह बदनाम न करो, टूण्डला के हास्य कवि लटूरी लटठ माननीय मनमोहन का मन चुपके चुपके रोता है, देवकी नन्दन कुम्हेरिया ने सवरस मुरसानी व पदम अलवेला की हास्य कविताओं से दर्शकों हो हसा हसा कर लोटपोट कर दिया। कार्यक्रम में सूरदास सम्मान आगरा के राजेन्द्र मोहन ़ित्रपाठी को प्रदान किया गया।कार्यक्रम में द्वाराचार्य श्री राजेन्द्र दास जी महाराज ने सूर पदोंकी गहन व्याख्या करतेे हुए कवियों का सम्मान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि देवकी नन्दन कुम्हेरिया ने की। व संचालन हरीबाबू ओम ने किया। इस मौके पर गोपाल गोप, जितेन्द्र विमल व अनेकों कवियों ने सूरदास जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में अनेकों कविताएं प्रस्तुत की।





