एसएसपी कार्यालय के बाहर मौजूद गांव की महिलाएं
मथुरा। गत दिनों कस्बा महावन में दुर्घटना के बाद युवक की मौत और महावन पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने की घटना के बाद थाने में हुयी तोड़फोड़ और शव रखकर ग्रामीणों द्वारा सड़क किये जाने के मामले में पुलिस द्वारा पीडि़त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आज पीडि़त परिवार और गांव की महिलायें एसएसपी कार्यालय पर अपनी व्यथा सुनाने पहुंचीं लेकिन एसएसपी के न होने के कारण वे निराश होकर वापिस चली गयीं। महिलाओं का कहना था कि पुलिस द्वारा हमारे साथ बदसलूकी की जा रही है और कोई भी अधिकारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिये तैयार नहीं है। ज्ञात रहे कि गत 23 जनवरी को 32 वर्षीय महावन निवासी जीतू सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसकी रिपोर्ट दर्ज न करने से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश था। 31 जनवरी की रात्रि को जीतू की उपचार के दौरान जयपुर में मौत हो गयी थी। घटना की रिपोर्ट दर्ज न करने से नाराज ग्रामीणों ने 1 फरवरी को शव को सड़क रखकर जाम लगा दिया था और पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की और थाने पर जाकर पथराव किया था। इस घटना में पुलिस द्वारा पीडि़त परिवार के लोगों के खिलाफ ही कार्यवाही की गयी जिसको लेकर आज महिलायें पुलिस के अधिकारियों से मिलने पंहुचीं। एसएसपी से मिलने आयीं महिलाओं में करन देवी, महादेवी, श्यामवती, विमलेश, कमलेश, सिया, आसम देवी, सत्यवती, कमला आदि मौजूद थीं।





