क्या जाॅच अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही कर पायेगे पुलिस के आला अधिकारी
मथुरा। शहर कोतवाली क्षेत्र के अन्तापाड़ा निवासी गोपाल द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने के प्रयास के मामलें में शहर कोतवाली पुलिस की भूमिका सदिग्ध नजर आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस ने पत्नी व पत्नी दोनो द्वारा दी गई अलग अलग तहरीर पर अगर ईमानदारी से मौके पर जाॅच करती तो शायद गोपाल को आत्महत्या करने जैसे कोई कदम नहीं उठाना पड़ता।
ज्ञात रहीें कि मंगलवार को शहरा के अन्तापाड़ा निवासी गोपाल ने अपनी ही पत्नी व उसके प्रेमी की प्रताड़नाओं से तंग आकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर वही पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया जिसमें गोपाल करीब 80 प्रतिशत तक बुरी तरह जल चुका है और जिन्दगी और मौत से जूझ रहा हैं। इस पूरे प्रकरण में शहर कोतवाली पुलिस की भूमिका सदिग्ध नजर आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जब गोपाल यादव व उसकी पत्नी द्वारा एक दूसरें के विरूद्व प्रताडि़त करने तथा जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी गई थी तो पुलिस ने मामलें की बिना जाॅच करें व घटना स्थल का बिना निरीक्षण करेें तथा पडोसियों से बिना कोई वार्तालाप किये एक तरफा कार्यवाही करते हुए गोपाल का शान्तीभंग में चालन कर दिया गया। इतना ही नहीं इसके बाद भी उसकी पत्नी उसें अपने प्रमी के साथ मिलकर मारपीट पर जान से मारने की धमकी देती रही लेकिन शहर कोतवाली पुलिस ने गोपाल की तहरीर पर कोई गौर किये बिना एक तरफा कार्यवाही कर दी गई। जिसका नतीजा यह निकला की पुलिस कार्यवाही व पत्नी के पीडि़त हो गोपाल को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि गोपाल को स्थानीय लोगों की मदद से बचा तो लिया गया लेकिन अब भी जिन्दगी और मौत से जूझ रहा हैं और गोपाल का बचना भी मुश्किल हैं। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस के आला अधिकारी अब उस पुलिस उप निरीक्षक के खिलाफ भी कोई कार्यवाही करेगी जिससें गोपाल के विरूद्व एतरफा कार्यवाही कर उसें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं क्षेत्राधिकारी नगर चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि गोपाल की पत्नी ने मारपीट की तहरीर दी थी उसी आधार पर गोपाल का शान्तिभंग में चालान किया गया। क्या क्षेत्राधिकारी नगर ने जाॅचकर्ता अधिकारी से पुछ कि उसके पास पत्नी व पति दोनो ने एक दूसरें के विरूद्व मारपीट व जान से मारने की तहरीर आने के बाद जाॅच अधिकारी ने एक ही तहरीर पर कार्यवाही क्यों की। क्या जाॅच अधिकारी ने महिला के प्रेमी के सहयोग से एक पक्ष से सैटिंग गैटिंग कर गोपाल को शान्ति भंग में चालान करवा दिया। क्यां जाॅच अधिकारी ने महिला से पुछा की उसकी पैरवी करने वाला युवक आखिर उसका कौन है। ऐसे बहुत से सवाल शहर कोतवाली पुलिस पर उठ रहें हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस शिकायती पत्रों पर सत्यता से कार्यवाही करने लगें तो शायद जनपद में अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता हैं। लेकिन पुलिस कुछ मामलों में अपनी सैटिंग गैटिंग के चलते कोई कार्यवाही नहीं करती वही कुछ मामलों में राजनैतिक व आला अधिकारियों के दवाव के चलते कोई कार्यवाही नहीं कर पाती नतीजा वहीं गोपाल जैसे लोगों का आपके सामने हैं।





