मथुरा। वृन्दावन में बंदरों के आतंक के चलते छत से गिरकर हुयी महिला की मौत के बाद भी जिला प्रशासन बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। शहर में बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। बंदरों के भय के कारण लोगों का राह चलना भी दूभर हो गया है। पूर्व में नगर पालिका द्वारा चलाये गये बंदरों पकड़ों अभियान ने शुरू में ही दौड़ पकड़ी थी। लेकिन अब उनके इस अभियान की हवा निकल गई है। बंदर पकड़ने की तरफ नगर पालिका प्रशासन का कोई भी अध्किारी ध्यान नहीं दे रहा है। इन बंदरों ने करीब दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। वहीं इन बंदरों के काटने से पूर्व में कई व्यक्ति की मौत हो चुकी है। गली मौहल्लों में जहां लोगों का जाना आना अधिक रहता है। आज के समय में बंदरों की इतनी अध्कि संख्या बढ़ गई है कि लोगों की जगह गली मौहल्लों में बंदरों की फौज ही देखने को मिल सकती है। यदि कोई भी व्यक्ति अपने घर के बाहर कदम भी रखता है तो बंदरों काटने के डर से वह हाथ में लकड़ी या डण्डा लेकर निकलते हैं। ये बंदर आये दिन लोगों से उनके सामान तथा घरों में से कोई न कोई चीज ले जाकर नुकसान करते रहते है।





