मथुरा। यमुना मिशन द्वारा घाटों वाली यमुना चक्रतीर्थ घाट से प्रभावित होकर करीब तीन चार नहरो से गुजरते हुये स्वामी घाट जायेगी। इसके अन्दर एक बूद भी गन्दे जल की नही होगी। यमुना स्रोेत से प्रभावित होगी और इसी तरह गोकुल से लेकर ऋणमोचण तक प्रभावित होगी इसके चारो तरफ हरियाली ही हरियाली होगी। संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहा जिस दिन यमुना शुद्ध और पवित्र हो जायेगी उसी समय से निश्चय ही समस्त लोगो को परेशानीयों से मुक्ति मिल जायेगी। क्योंकि यमुना महारानी मोक्षदायिनी है निश्चय ही ये परेशानीयां इसलिये आ रही है कि हमारी गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियां प्रदूषित हो गई है यमुना जी में एक बूद भी पवित्र जल की नही है। जीर्णोद्धार से पूर्व चक्रतीर्थ घाट स्थिति खराब थी पुरातन कथाओं में वर्णित यह घाट उपेक्षाओं का शिकार बना हुआ था। यमुना मिशन के तत्वाधान में संतो के आशीर्वाद से इस घाट का जीर्णोद्धार प्रारम्भ कराया गया और अब यह घाट अपने अन्तिम चरण में है।इस दौरान मीरा गोस्वामी, गीता शर्मा, राजीव गोस्वामी, लपूटी पंडित, गोविन्द ठाकुर, आशिष शर्मा, सूर्यभान गोयल, बलराम शर्मा, गोपाल पंडित आदि उपस्थित थे।





