बी एम सी की वजह से हो रहे पर्यावरण के नुकसान को रोके मोदी सरकार

मुंबई। आज मुंबई का पर्यावरण ख़राब होते जा रहा है लेकिन सरकार और पर्यावरण विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका कारण है बी एम सी की बिल्डर की , बिल्डिंग सोसाइटी की , दूकानदारों की मिली भगत से। आज दुकानदार, सोसाइटी, बिल्डर सभी अपनी दुकान, बिल्डिंग का अच्छा व्यू लोगों को दिखाकर अपना धंधा करना चाहते है और उनकी दुकान, सोसाइटी और बिल्डिंग के सामने के पेड़ की वजह से उन्हे तकलीफ होती है और वे बी एम सी से मिलकर पेड़ को इंजेक्शन दे कर सूखा देते है और बाद में जला देते है। जबकि पेड़ काटना या उसको नुकसान पहुँचाना जुर्म है। लेकिन सरकार और पर्यावरण विभाग इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। अभी दिवाली का समय मालाड (वेस्ट), के लिंक रोड के मीठ चौकी जंक्शन के पास गोरगाँव के ओर जाने वाली लिंक रोड के दूसरी ओर करीब दस पेड़ को जला दिया और इतना फास्ट उसको काट दिया कि आम लोगों को पता ही नहीं चला और अब वहाँ केवल निशान और कटा तना बचा है जो कि पत्थर और मिट्टी से धाक दिया है और उसके थोड़ी दूर पर छोटे छोटे पौधे लगाकर खाना पूर्ति कर दी गई। और ऐसे ही बोरीवली में चंद्रावरकर रोड पर भी दर्जनों पेड़ जला दिया गया है। ऐसा आरोप मालाड (वेस्ट ) में स्थित सामाजिक संस्था "गांधी विचार मंच"के अध्यक्ष मनमोहन गुप्ता ने लगाया है और मोदी सरकार से अनुरोध किया है कि इसकी जांच हो और लोगों को सजा मिले जिसे कोई भी दुबारा ऐसा न करे।

 

आगे मनमोहन गुप्ता कहते है, " मोदी सरकार और पर्यावरण विभाग को चाहिए कि इसकी जांच करे। और सभी को सजा मिले जिससे कोई भी ऐसा करने के बारे में ना सोचे। आज हर जगह केवल बिल्डिंग है और धीरे धीरे गार्डन, खुली जगह, पेड़ -पौधों समाप्त होते जा रहे है। मैं मोदी सरकार से निवेदन करूँगा कि पर्यावरण बचाने हेतु कोई नया मुहीम चलाए वरना कुछ समय के बाद मुंबई क्या है ?पूरे देश में पर्यावरण का खतरा पैदा हो जायेगा।"    

Sanjay Sharma Raj

(P.R.O.)

 


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