मथुरा। बीएड बेरोजगार शिक्षक पिछले 20 वर्ष से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, सरकार द्वारा समय-समय पर जो नियुक्तियां की गई, वो ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी, जिसके चलते बीएड योग्यताधारी बेरोजगारी और भुखमरी के कगार पर हैं। सरकार वोट की राजनीति करते हुए शिक्षामित्रों से हमदर्दी जता रही है। लेकिन बीएड प्रशिक्षितों के लिए कुछ नहीं सोचा। वित्तविहीन विद्यालयों में भी बीएड शिक्षकों का जमकर शोषण हो रहा है, यह बात आज बीएड बेरोजगार शिक्षक संघ मथुरा इकाई के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बघेल ने बीएड प्रशिक्षितों की बैठक के दौरान कही। बेरोजगार शिक्षक प्रशिक्षितों ने शिक्षामित्रों की तरह बिना टेट पास किए उन्हें भी शीघ्र प्राइमरी में जूनियर विद्यालयों में लगाने की मांग की।
इस दौरान सुरेश प्रसाद शर्मा, राजेश शर्मा, विनीता निगम, कमलेश सक्सैना, ममता पाल, कुसुम रानी, अलका जैन, उर्मिला बघेल, मौ. असलम, श्रीमती सुमन लता, श्रीमती वीरवाला, प्रेमसिंह गुर्जर, कादरखांन, वेदप्रकाश सैनी, सुभाष कुशवाह, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





