होली नृत्य प्रस्तुत करती कलाकार
मथुरा। श्रीकृष्ण की जन्म-स्थली मथुरा की ब्रज-रज के कण-कण में श्रीकृष्ण के दर्शनों की अनुभूति होती है। उक्त उद्गार केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सलाहकार हरिकृष्ण पालीवाल ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मोत्सव मेला में आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संस्कार भारती के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये गये कार्यक्रमों में प्रभू बाँके बिहारी की झाॅकी को नमन कर व्यक्त किये। इससे पूर्व स्मारक मंत्री डा. रोशन लाल, पूर्व विधायक अजय पोइया, प्रायोजक भानू महाजन, अशोक टेंटीवाल, सालिगराम बखिया, डा. धु्रव सिंह आदि ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के विशाल चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
आरम्भ में मुरारीलाल तिवारी व साथी कलाकारों ने गणेश वन्दना प्रस्तुत की। राधा-कृष्ण व सखियों ने ‘‘बाॅसुरी बजाईं आज रंग सों मुरारी’’ पर महारास। ‘‘बरसाने की मोर कुटी पै मोर बन आयौ रसिया’’ पर मयूर नृत्य व ‘‘फाग खेलन बरसाने आयौ है नटवर नन्द किशोर’’ पर ब्रज की होली, दीपक नृत्य एवं बाॅके बिहारी महाराज की नयनाभिराम झाॅकी का अद्भुत प्रदर्शन किया। स्वाति सिंह द्वारा ‘‘मैं तौ गोविन्द-गोविन्द गाऊँगी’’ गीत पर प्रस्तुत मीरा बाई नृत्य की पण्डाल में उपस्थित हजारों दर्शकों ने कर्तलध्वनियों के साथ सराहना की। संचालन जितेन्द्र विमल ने किया।
कार्यक्रम में संस्कार भारती के केन्द्रीय संगठन मंत्री बाॅके लाल गौड़, नवीन मित्तल, सभासद धर्मेश तिवारी, शिवकुमार गुप्ता, विशन कान्त मिलिंद, हृदेश शर्मा, कृष्ण गोपाल, सिंघल, भारत भूषण सिंघल आदि थे।





