मथुरा। केन्द्र सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से रामायण सर्किट व कृष्ण सर्किट परियोजना को मूर्त रूप प्रदान करने की पहल में 14 जून को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में कृष्ण सर्किट की राष्ट्रीय समिति की बैठक केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डा. महेश षर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कृष्ण सर्किट में केन्द्र सरकार द्वारा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व उड़ीसा प्रान्त के कुल 12 स्थानों द्वारिका, नाथद्वारा, जयपुर, खाटू श्याम, कुरुक्षेत्र, नन्दगांॅव, बरसाना, गोवर्धन, वृन्दावन, मथुरा, गोकुल व जगन्नाथपुरी को सम्मितित कर परिपथ को पूर्ण किया है। बैठक में भाग लेकर लौटे गोपेयवरनाथ चतुर्वेदी के अनुसार मथुरा के प्रतिनिधि व राष्ट्रीय समिति के सदस्य के नाते उन्होंने विश्रामघाट पर झूलापुल निर्माण, श्रीकृष्ण-जन्मभूमि के निकट स्थित संरक्षित स्मारक पोतराकुण्ड पर ध्वनि-प्रकाश कार्यक्रम के प्रदर्शन के साथ ब्रज चैरासी कोस परिक्रमा के पड़ाव स्थलों को कब्जा मुक्त कराने व उनका विकास किये जाने के प्रस्तावों को समिति में रखा। समिति के सदस्य राधारमण मन्दिर के महन्त पद्मनाभ गोस्वामी के अनुसार धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से मोदी सरकार की कृष्ण सर्किट व रामायण सर्किट परियोजनायें अत्यन्त महत्वाकांक्षी योजनायें हैं, जिनके पूर्ण होने पर सभी सनातनधर्मी अत्यन्त सुख-संतोरूा का अनुभव करेंगे। बैठक में गोवर्धन से सत्यप्रकाश मंगल, कुरुक्षेत्र के शिक्षाविद रामेन्द्र सिंह, जीवाइन्स्टीट्यूट के डा. सत्यनारायण दास आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।





