भारत इंटरनेट गवर्नेंस के लोकतंत्रीकरण के पक्ष में : रवि शंकर प्रसाद

नई दिल्ली : भारत, दूरसंचार तथा इंटरनेट गवर्नेंस के वैश्विक मामलों के लोकतंत्रीकरण करने तथा उन्‍हें व्‍यापक आधार देना चाहता है। दक्षिण कोरिया के बुसान में अंतर्राष्‍ट्रीय दूरसंचार यूनियन (आईटीयू) के सम्‍मेलन में संचार तथा सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने यह बात कही।

प्रसाद सम्‍मेलन में भारतीय शिष्‍टमंडल का नेतृत्‍व कर रहे थे। सम्‍मेलन का उद्घाटन दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ने किया।

प्रसाद ने कहा कि सूचना तथा संचार टेक्‍नोलॉजी परियोजनाओं और कार्यक्रमों को विकासशील देशों में लागू करने के लिए आईटीयू को संयुक्‍त राष्‍ट्र तथा अन्‍य अंतर्राष्‍ट्रीय/क्षेत्रीय संगठनों का सहयेाग लेना चाहिए। भारत चाहता है कि आईटीयू अंतरिक्ष परिसंपत्तियों के प्राधिकार की निगरानी करे। भारत ने कहा कि आईटीयू को इंफर्मेशन सोसायटी पर हुए विश्‍व शिखर सम्‍मेलन में परिकल्पित वैश्विक इंटरनेट गर्वेनस में और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। भारतीय शिष्‍टमंडल पूर्ण सत्र में भाग ले रहा है। यह 193 सदस्‍यों वाली अंतर्राष्‍ट्रीय दूरसंचार यूनियन की सर्वोच्‍च नीति निर्धारक संस्‍था है।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने सैमएन एसडीआई कंपनी लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकरी सेंग जिंग पार्क से सोल में मुलाकात की। प्रसाद ने पार्क के साथ ‘डिजिटल इंडिया’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ प्रयासों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। पार्क भारत में बदले कारोबारी माहौल के बारे में जानने को उत्‍सुक थे। उन्‍होंने प्रसाद को बताया कि वह अगले महीने भारत यात्रा पर आएंगे। रवि शंकर प्रसाद ने इलेक्‍ट्रोनिक्‍स संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के बड़े व्‍यावसायिक नेताओं से भी मुलाकात की।

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