मथुरा। यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की अलख जगाने वाले यमुना कार्य योजना
के याचिकाकर्ता एवं श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान की बंध-समिति के
सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी द्वारा यमद्वितीया के अवसर पर श्रृद्घालु
भाई-बहिनों के स्रान हेतु स्वच्छ यमुना-जल उपलब्ध कराने की मुहिम अपना
रंग दिखा रही है और पिछले कई दिनों से यमुनाजी में जल का रंग बिल्कुल
बदला हुआ दिख रहा है ।
उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए हिन्दूवादी नेता गोपेश्वर चतुर्वेदी
ने बताया कि पिछले सप्ताह यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एवं एडीऐम
वित महेन्द्र प्रसाद से संपर्क कर यम द्वितीया के स्रान-पर्व पर लाखों की
संख्या में आने वाले श्रृद्घालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध कराये जाने व
तत्संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की सुनिश्चितता करने संबंधी मॉग की गयी थी,
जिसके उपरांत नगर पालिका स्तर पर जहॉ स्रानार्थियों की सुविधा हेतु
संपर्क मार्गों पर व्यापक प्रकाश एवं सफाई व्यवस्था के साथ गोताखोरों,
खोया-पाया केन्द्र व गष्ती नौकाओं आदि की व्यवस्थायें की गयीं हैं, वहीं
प्रषासन स्तर पर 1000 क्यूसेक स्वच्छ जल की मॉग के सापेक्ष ओखला बैराज से
101 क्यूसेक, ओखला सिल्ट रिजेक्टर चैनल से 400 क्यूसेक, हिण्डन कट से 262
क्यूसेक व हरनौल ऐस्केप से 150 क्यूसेक स्वच्छ गंगा-जल निरन्तर आने से
श्रृद्घालुओं को सुखद अनुभूति होने की अपेक्षा है। गोकुल बैराज से
निरन्तर गंदले जल का डिस्चार्ज व स्वच्छ जल के आने से यमुना जी में
स्रानार्थियों व परिक्रमार्थियों के लिये वातावरण रमणीक हो गया है ।
श्रीचतुर्वेदी ने सभी स्थानीय व भाई दूज स्रान हेतु बाहर से पधार रहे
आगन्तुक तीर्थयात्रियों से निश्चिन्त होकर स्रानार्थ पधारने का आग्रह
किया है।





