मथुरा। थाना छाता क्षेत्र अंतर्गत एक और शिक्षामित्र ने गरीबी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। शिक्षामित्रों के समायोजन पर हाईकोर्ट द्वारा लगायी गयी रोक से आहत यह महिला शिक्षामित्र अपने तीन बच्चों के साथ जैसे-तैसे अपना परिवार चला रही थी। पति की मौत ने उसे पहले ही तोड़ दिया था, ऊपर से छोटे-छोटे बच्चों के लालन-पालन में हाईकोर्ट की आई बाधा ने उसे झकझोर कर रख दिया। पीडि़त महिला शिक्षमित्र ने बिना बच्चों की परवाह किये खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली। शिक्षामित्र द्वारा की गयी आत्महत्या से जनपदभर के शिक्षामित्र बुरी तरह आहत हैं। मिली जानकारी के अनुसार गायत्री देवी पत्नी स्व. बनवारी लाल अग्रवाल निवासी पैगांव छाता का समायोजन द्वितीय चरण में विकास खण्ड बल्देव के प्राथमिक विद्यालय अरतौनी में हो गया था। इसके चलते वह बल्देव में ही किराये का मकान लेकर अपनी दो छोटी लड़कियों व एक लड़के साथ रहती थी। हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर देने से वह पिछले काफी समय से आहत चल रही थी। इस नौकरी के अलावा महिला शिक्षामित्र की जीविका का कोई अन्य साधन नहीं था। इसी सब के चलते उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बताते हैं कि महिला शिक्षामित्र के पति का पूर्व में ही देहावसान हो चुका था जिसके चलते तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उसी के ऊपर थी।





