गोवर्धन। देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र गोवर्धन धाम के परिक्रमा मार्ग स्थित गांव जतीपुरा इन दिनों भयंकर गंदगी की चपेट में है। विगत दिनों यहां आये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के दौरान यहां जिला प्रशासन ने भारी पैमान पर साफ सफाई और स्वच्छता कार्य कर कस्बे को पूरी तरह गन्दगी मुक्त कर दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री के यहां से लौटते ही शासन प्रशासन के आला अफसरों के साथ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी मुंह मोड़ लिया है। जिससे अब यहां गन्दगी का आलम दुश्वार होता चला जा रहा है।
विदित हो कि विगत दिनों गिरिराज धाम के कस्बा जतीपुरा में सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां आ कर एक जीर्णोद्धारित कुण्ड का लोकार्पण किया था। जिससे यहां की फिजाऐं चारों ओर से महकने लगी थी और गन्दगी तो मानों जैसे समूल नष्ट ही हो गयी थी। लेकिन मुख्यमंत्री के यहां से वापिस लौटते ही यहां पहले से भी ज्यादा बदतर हालात बन गये है। अब यहां शासन प्रशासन के आला अफसरों के साथ साथ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी मुंह मोड़ लिया है। ग्राम पंचायत व प्रशासन का यहां की सफाई की ओर बिलकुल ध्यान नहीं है। चारों तरफ गंदगी का आलम दिखायी देता है। जिससे यहां के वाशिंदे काफी परेशान हैं। यहां के प्रमुख मुखार बिन्द मंदिर का मुख्य मार्ग गंदगी की चपेट में है। दुकानदारों की लापरवाही के कारण रास्ते में ही दौना पत्तल पड़े दिखायी देते हैं। मार्ग पहले से ही अतिक्रमण की चपेट में है ऊपर से रास्ते में पड़ी गंदगी ने परिक्रमार्थियों का निकलना दूभर कर रखा है। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु बृज में आत्म शांति के लिये आते हैं परंतु गंदगी का नजारा देखकर उनके दिन में वेदना होती है। गांव वासियों का कहना है कि सफाई कर्मी महीने में एक दो दिन आता है। वह कई बार लोग यहां के ग्राम प्रधान श्याम लाल से शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इससे भी बुरा हाल है पूर्व माध्यमिक विद्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग का। मार्ग के किनारे गंदगी के ढैर लगे पड़े हैं। जबकि यहां हर महीने लाखों वैष्णव गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना के लिये आते है। जतीपुरा में लगभग एक दर्जन वीआईपी गैस्ट हाउस हैं। लेकिन सफाई के नाम पर चारों तरफ गंदगी ही गंदगी दिखायी देती है।





