राजनैतिक सरगर्मी हुई तेज, कांग्रेस सहित अन्य दलों ने किया आन्दोलन का समर्थन
मथुरा। गोकुल बैराज निर्माण में अधिग्रहण की गई भूमि को लेकर किसानों को मुआवजा नहीं मिलनें के विरोध में पिछलें दिनों किसानों व प्रशासन के बीच हुई घटना को लेकर अभी भी राजनैतिक सरगर्मी निरन्तर बनी हुई हैं। भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न किसान संगठन जहाॅ किसानों आन्दोलन के समर्थन में आ गये है वहीं प्रशासन ने शान्ति व्यवस्था बनाये रखनें के साथ किसानों को मुआवजा दिलाये जाने हेतु गतिशील प्रयास शुरू कर दिये हैं। आज भी किसानों द्वारा चलाये जा रहें आन्दोलन को लेकर विभिन्न संगठनों ने किसानों की माॅगों का समर्थन किया वहीं काग्रेंस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने भी सहयोगियों के साथ धरना स्थल पर पहुंच कर किसानों से वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी के बहकावें में ना आने का आव्हान किया। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन की एक बैठक किसान भवन में हुई। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा ने कहा कि 16 वर्ष पूर्व प्रशासन ने गोकुल वैराज के बनने हेतु कृषि योग्य भूमि अधिग्रहण डूब क्षेत्र में करते हुए मुआवजें का प्रस्ताव किया था और किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलनें के लिए प्रशासन ही मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। मुआवजा नहीं मिलनें के चलते किसानों के परिवारों की दशा खराब है घरों बच्चों के शादी विवाह तक नहीं हो पा रहे है और न वह अपने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पूरी नहीं कर पा रही हैं। किसानों में इसे लेकर आक्रोश पैदा हो रहा हैं। किसानों द्वारा शासन प्रशासन से वार वार मुआवजें की माॅग करने पर आश्वासन तो मिलें लेकिन मुआवजा आज तक नहीं मिल सका। इसी के चलते किसानों का आक्रोश आज सडक पर आ गया। उन्होंने कहा कि अगर शासन प्रशासन ने पूर्व में ही किसानों की आवाज को समझा होता तो उक्त घटना को रोका जा सकता था। प्रदेश सचिव चन्द्रपाल सिंह ने प्रशासन द्वारा किसानों के साथ किए गये व्यवहार की बर्बर निन्दा की तथा शासन से घटना की न्यायिक जाॅच की माॅग की। जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह, गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय सचिव बालस्वरूप एड0, भाकियू के मंडलीय उपाध्यक्ष चैं0 दलवीर सिंह, इन्द्र कुमार पालीवाल, पूरन सिंह, किसान शिव नरेश, हरेकृष्ण सैनी, मोहन सिंह राजपूत, रूपसिंह सैनी, सीपी ठाकुर व दलवीर सिंह ने किसानों के साथ प्रशासन द्वरारा एक पक्षीय कार्यवाही की निन्दा करते हुए निर्दोश किसानों की रिहाई की माॅग करते हुए शीघ्र मुआवजा वितरण कराये जाने की माॅग की। बैठक के पश्चात किसानों की माॅगों को लेकर प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता गिर्राज प्रसाद विशिष्ठ ने की। वहीं भारतीय किसान यूनियन हरपालगुट के वैनर तलें दामोदर पुरा के होली मैदान में दिया जा रहा धरना आज भी जारी रहा। धरने को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चैं0 हरपाल सिंह ने कहा कि दामोदर पुरा आदि आठ ग्रामों की भूमि का गोकुल वैराज में गये रकवें का बड़ी ही दरों का भूमि मुआवजा 1998 से आज तक नहीं देने तथा इसके हकदार परिजनों को रोजगार नहीं देने की माॅग को लेकर धरना प्रदर्शन करने पर प्रशासन द्वारा किसानों पर लाठिया व गोलिया वर्षा कर मथुरा में कसं के शासन की याद दिलाता हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डर्स अगर किसानों की जमीन का अधिग्रहण केवल पैसे के बल पर करता है लेकिन सरकार डन्डें व गोली के बल पर किसानों को उसका वास्तविक मुआवजा देने से कतरा रही हैं। इससे जनता में आक्रोश हैं। उन्होंने कहा कि पिछलें दिनों हुई घटना को लेकर वोटों की राजनीति करने वाले सौदागर किसानों के ऊपर अपनी रोटी सेकना चाहते है उन्होंने पूछा इससे पहलें पहलें यह वोट माॅगनें वालें लोगों को किसानों की यह माॅग क्यों नजार नहीं आई। धरने को किसान नेता राध चैबे, नारायण सिंह, सुरेन्द्र सिंह, डम्बर सिंह, ठाकुर जुगल किशोर निषाद, सुन्दर सिंह, प्रेमचन्द्र चैहान, पीएस निषाद, हेमन्त कुमार, जगन्नाथ छौंकर, प्रीतम वघेल, मानसिंह यादव आदि ने सम्बोधित कर प्रदेश सरकार से मुआवजें दिलाये जाने की माॅग की। अखिल भारतीय समता फाउंडेशन ने गोकुल बैराज मुआवजा प्रकरण पर कथित नेताओं द्वारा किसान और प्रशासन के बीच हुए घटनाक्रम में अहम भूमिका निभाये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं ने उक्त आन्दोलन को लेकर अपनी रोटिया नहीं सेंकी होती तो किसान और पुलिस के बीच उक्त सघर्ष नहीं होता। आज ऐसे नेताओं के चलते किसानों को मुआवजें के बदले पुलिस की बर्बर कार्यवाही का शिकार होना पड़ा हैं। वहीं सरकारी स्मपत्ति का भारी नुकसान हुआ हें। जनपद की कानून व्यवस्था को उक्त नेताओं ने ध्वस्त करने का प्रयास किया है जिसकी जितनी निन्दा की जाये वह कम हैं। कामरेड ब्रजलाल, लुकेश राही, जितेन्द्र सिंह, दिनेश पिन्टू, अमरजीत, किसन सिंह, त्रिलोकी नाथ चैखे लाल प्रधान आदि ने शीघ्र मुआवजें की माॅग करने के साथ साथ प्रशासन से निर्दोषों को नहीं फसानें तथा दोषियों को दंडित करने की माॅग की। काग्रेंस का प्रतिमंडल कांग्रेंस विधान मंडल नेता प्रदीप माथुर के नेतृत्व में गाॅव औरंगाबाद व दामोदर पुरा पहुंचा तथा स्थानीय नागरिकों व किसानों से घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त कर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रजन से भी उसी समय वार्ता कर किसानों के साथ हुई घटना से अवगत कराया। विद्यायक ने बताया कि 92 करोड़ रूपया प्रशासन के पास किसानों के लिए आ चुका हैं। उसें शीघ्र दिलवाया जाये और नये सर्किल रेट के आधार पर जल्दी शेष राशि उपलब्ध कराई जाये तथा जिन किसानों के नाम प्रशासन द्वारा गलत एफआईआर दर्ज की गई उसें रदद किया जाये। विद्यायक ने किसानों को बताया कि उनके द्वारा नियम 51में इस मुद्दे को विधान सभा में उठाया जा चुका है जिस पर नगर विकास मंत्री ने परिवेश में आने वाले आइ राजस्व ग्रामों में से सात राजस्व ग्रामों में गजट की सूचना पर अधिसूचना 3 जुलाई को जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी है शेष बचें गाॅवों की भी अगलें कुछ दिनों में प्रकाशित होते ही जिलाधिकारी को भेज दी जायेगा। तदोपरान्त किसानों को मुआवजा मिल जायेगा। विद्यायक श्री माथुर ने किसानों से मौका परस्त ताकतों के नुमाइन्दों से भोले भाले किसानों बहकाने में न आने की अपील की। प्रतिनिधि मंडल में जिला महासचिव संजय शर्मा, विक्रम वाल्मीकि, देवी सिंह पवार, राकेश दिवाकर, सुमित श्रीवास्तव, मुकेश धनगर, काग्रेंस नगर अध्यक्ष मलिक अरोड़ा उपस्थित थे।





