मथुरा। अपर जिलाधिकारी ने कम राजस्व वसूली करने वाले विभागों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शासन को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिये। श्री कुमार आज यहंा कलेक्ट्रेट के सभागार में इस सम्बन्ध में बुलायी गयी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
वाणिज्यकर की समीक्षा के दौरान लक्ष्य से कम वसूली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने निर्देश दिये कि वसूली लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत की जाय। स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन में भी स्थिति बहुत खराब पायी गयी जबकि पिछली बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये थे कि बिल्डर्स को नोटिस भेजकर फ्लैट आवंटियों को रजिस्ट्री कराने को कहा जाय और यह भी कहा गया था कि जिन आवंटियों द्वारा रजिस्ट्री नहीं करायी जाती है तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाय। लम्बित पड़ी बड़ी वसूली को शीघ्र निस्तारित करके उन्हें रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
मनोरंजन कर की समीक्षा के दौरान श्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि जिन केबिल आॅपरेटरों राजस्व जमा नहीं किया जा रहा है उन्हें सील करने की कार्यवाही करें तथा हरहालत में 15 दिसम्बर तक डिजीटाइजेंशन प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिये। खनिज अधिकारी से भट्टों के बन्द होने के कारण होने वाली कम वसूली को अन्य विभिन्न तरीकों से बढ़ाने के उपायों पर जोर देने को कहा। श्री सिंह ने अधिशासी अधिकारी मथुरा, नन्दगाॅव, गोवर्धन , राधाकुण्ड से वसूली बढ़ाने के निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री महेन्द्र सिंह ने बैठक में मुख्य सचिव से प्राप्त उस पत्र का भी उल्लेख किया जिसमें सभी विभागों को ओर बेहतर तरीके से कार्यशैली बनाने तथा राजस्व वसूली को बढ़ाने के बेहतर उपाय दिये गये हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री अजय कुमार अवस्थी, नगर मजिस्ट्रेट श्री विजय कुमार, बेसिक शिक्षाधिकारी श्री अशोक सिंह, उप जिलाधिकारी मथुरा श्री राजेश कुमार, मांट श्री अन्जनी कुमार सिंह, गोवर्धन विश्वभूषण व छाता श्री रामअरज यादव सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





