रियो डी जनेरियो । भारत की युवा महिला गोल्फ खिलाड़ी अदिति अशोक रियो ओलम्पिक खेलों में बुधवार को इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी। 18 वर्षीय अदिति ने जब से महिला यूरोपियन टूर (एलईटी) के क्वालीफाइंग फाइनल्स में फुल कार्ड जीता है तब से वे शानदार फॉर्म में हैं। इसके बाद उन्होंने बड़े टूर्नामेंटों में भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा है। अदिति स्पेन की कार्लोट सिगांडा और रूस की मारिया मेरचेनोवा के साथ खेलेंगी। ओलम्पिक खेलों के विशाल मंच पर उतरना किसी भी खिलाड़ी को दबाव में ला सकता है। अदिति के लिए बड़ी चुनौती इस वातावरण के साथ तालमेल बिठाने की होगी। अदिति ने 2013 में एशियन यूथ खेल और 2014 में हुए यूथ ओलम्पिक खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसका अनुभव अदिति के काम आएगा। बेंगलुरु की रहने वाली अदिति ने 2016 में पेशेवर गोल्फ में कदम रखा था। वे पहली बार ओलम्पिक खेलों में हिस्सा ले रही हैं। अभी तक अदिति का सबसे मजबूत पक्ष उनकी निरंतरता रहा है। उन्होंने अभी तक 12 पेशेवर टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है और 11 जगह वह कट पार करने में कामयाब रही हैं। उनके नाम छह अंतरराष्ट्रीय जीत, 17 खिताब दर्ज हैं। इन 17 खिताबों में पांच लो एमेच्योर खिताब शामिल हैं। वे कई बार शीर्ष 10 में भी रही हैं। वे एशिया की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2015 में सेंट रूल ट्रॉफी और लॉसन ट्रॉफी अपने नाम की थी। वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय यूरोपियन लेडीज एमेच्योर चैम्पियनशिप में रजत पदक हासिल करने वाली वे पहली एशियाई खिलाड़ी थीं। वे पहली भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर ओपन स्ट्रोक प्ले चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने 2015 में यह खिताब जीता था। इसी तरह के शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ओलम्पिक में जगह बनाई है।
साभार-khaskhabar.com






Related Items
भारतीय रेलवे प्लेटफार्मों पर स्थानीय विरासत के दमदार दर्शन
यूरोपीय संघ में 99 फीसदी से अधिक भारतीय निर्यात के लिए खुले दरवाजे
बहुध्रुवीय दुनिया में संतुलन की 'भारतीय' कला