जनपद में पाॅलीथिन का प्रयोग उड़ा रहा है उच्च न्यायालय के आदेशों की उज्जियां
मथुरा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी शहर में पाॅलीथीन और पानी के पाउचों पर रोक नहीं लग पा रही है। जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेशों में कहा था कि पानी के पाउच व पाॅलीथीन का प्रयोग किया जाता है तो उसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश हवा में तैर रहे है और पाॅलीथीन और पानी के पाउचों की बिक्री खुलकर की जा रही है। नगर पालिका द्वारा कई अभियान तो चलाया जाता है कि लेकिन मामला वही ढाक के तीन पात रहता है। वहीं आज भी शहर में पाॅलीथीन का प्रयोग व पानी के पाउचों की बिक्री खुलकर की जा रही है लेकिन जिला प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं है। यदि जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन सख्ती के साथ पाॅलीथीन का प्रयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही करे तो पाॅलीथीन का प्रयोग और पैक्ड़ पानी के पाउचों पर रोक लग सकती है लेकिन किसी का ध्यान इस तरफ नहीं है। शहर के बाजारों में खुलेआम पाॅलीथीन का प्रयोग किया जा रहा है। यह पाॅलीथीन नाले-नालियों के जरिये होती हुई सीधे यमुना में पहुंचती है। जिससे यमुना में गंदगी बनी हुई है, प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी भी यमुना के शु(िकरण की तरफ ध्यान नहीं दे रहे है।





