मथुरा। राष्ट्रीय लोकदल के नेता कुँ. नरेन्द्र सिंह जिन्होने जवाहरबाग प्रकरण को लेकर लेखपाल और वकीलों के साथ मिलकर आताताईयों के विरूद्ध धरने-प्रदर्शन और आवाज बुलंद की थी। आज वे भी इस बात को मानते हैं कि इस घटना में डीएम-एसएसपी की भूमिका संदिग्ध रही है। वरना दो पुलिस के अधिकारियों की मौत नहीं होती। ताज्जुब इस बात का है कि आज तक इन दोनों अधिकारियों का तबादला सरकार ने क्यों नहीं किया? वहीं शहर कांग्रेस के अध्यक्ष आबिद हुसैन कहते हैं कि इस घटना में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना आपसी तालमेल के कैसे मुकुल द्विवेदी और अन्य लोगों को हल्के पुलिस बल के साथ भेजा? इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिये और तब तक इन्हें यहां से पद से हटा देना चाहिये। वरना ये लोग जांच को प्रभावित करेंगे, क्योंकि संपूर्ण प्रकरण की जांच अलीगढ कमिश्नर द्वारा की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का अब यहां रहना भी उचित नहीं है।





