वट अमावस्या पर सुहागिनों ने व्रत रखकर की वट भगवान की पूजा

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के कनक भवन में अमावस्या व्रत रखने पर वट वृक्ष की पूजा अर्चना करती महिलाएं

गोवर्धन। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए अमावस्या व्रत रख कर वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर मनौती मांगी। इस मौके महिलाओं ने तीन देवताओं के रूप में वट वृक्ष की पूजा कर धागा बांध कर संकल्प लिया। परिक्रमा मार्ग के कनक भवन में प्राचीन वट वृक्ष पर पूजा अर्चना करने वाली महिलाओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर प्रीति अग्रवाल ने बताया कि सुहागिन महिलाओं द्वारा हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु एवं डालियों और पत्तियों में भगवान शिव का स्थान है। सती सावित्री की कथा सुनने व वाचन करने से सौभाग्यवती महिलाओं की अखंड सौभाग्य की कामना पूरी होती है। पूजा अर्चना के बाद महिलाएं अपने पति को रोली व अक्षत लगाकर चरण स्पर्श कर मिष्ठान खिलाती हैं। इस मौके पर शालिनी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, आशा, मिथलेश, सीमा, पूनम, बविता, विशाखा, पारूल, अर्चना आदि मौजूद थीं।

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