पं. दीनदयाल उपाघ्याय मेले में शिरकत करने आई केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में पढ़ने वाली विदेशी छात्राओं ने सांसद हेमामालिनी से बात की और खूब फोटो खिचवाए।
मथुरा। प्राचीन लोकगायकी विद्या को बचाने में जीवन को समर्पित करने वाली पांच महिला गायकों को फरह स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मोत्सव मेला में सम्मानित होने का सौभाग्य हासिल हुआ। लोकगीतों को नयी जान देने के अलावा समाज के सेवा कामों में भी हाथ बटा रहीं आगरा, मेरठ की इन महिलाओं को फिल्म अभिनेत्री और सांसद हेमामालिनी ने स्मृति चिन्ह भेंट किए। अंत्योदय उपासक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली में संपन्न तीन दिवसीय जन्मोत्सव मेले के आखिरी दिन आयोजित लोकगीतों की प्रतियोगिता में मेरठ, आगरा, मथुरा और बुदेलखंड से आई कल्पना ने स्थानीय बालिकाओं और महिलाओं के साथ अपने सुरों से लोकगीतों को आवाज दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रसिद्घ गायिका मेरठ निवासी नीता गुप्ता के साथ सिरसांगज फीरोजाबाद निवासी लोकगायिका सितारा बेगम, आगरा निवासी सीमा पोरवाल, शिकोहाबाद निवासी कृष्णकुमारी माथुर और बिचुपरी आगरा की संतोषदेवी कुशवाह को फिल्म अभिनेत्री और सांसद हेमामालिनी ने स्मृति चिन्ह दिए और शाल उढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सम्मानित इन पांच विभूतियों ने अपने सुरों से लोकगीत को भी आवाज दी।
डीजे बंद करा रहीं लोकगीतों को बढ़ावा
पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मस्थान में सम्मान पाने वाली मेरठ निवासी नीता गुप्ता वर्तमान में भारत विकास परिषद के साथ तमाम सेवा के कामों से जुड़ी हुई हैं। लोकगीत बचाने के साथ छोटे बच्चों की प्रतिमा निखारने में जुटी फिल्म सेंसर बोर्ड दिल्ली की सदस्य नीता गुप्ता ने बताया, वह एक लर्निंग प्वांइट नामकब एनजीओ संचालित कर रही हैं, जिसके माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों को संगीत के साथ चित्रकारी, लोकगीत और बाल अभिरुचि के कामों में पारंगत बना रही हैं। उन्होंने बताया, अपने आसपास बज रहे डीजे संगीत को बंद कराने के लिए उन्होेंने लोगों के यहयोग से मुहिम भी चलाई, सफलता मिलने पर अब वहां लोकगीत ही गाए जाते हैं। वे महिलाओें के उत्थान के लिए भी काम रहीं हैं।
विदेशी छात्राओं को भाए लोकगीत, झूमी
फरह। पं. दीनदयाल जन्मोत्सव मेला में गांव की संस्कृति और सभ्यता के साथ संस्कारों से रूबरू होने आई केंदीय हिंदी संस्थान, आगरा में अध्यनरत विदेशी छात्राएं लोकगीत आयोजन के दौरान खुश दिखी, तो ढोलक और हारमोनियम के साथ गाए गए लोकगीतों पर झूमती दिखी। इस दौरान विदेशी छात्राओं ने सांसद हेमामालिनी के साथ खूब फोटो खिचवाएं।
मधुकर सभागार में आयोजित लोकगीतों के साथ मेला देखने के दौरान विदेशी और देश के उत्तर-पूर्व की रहने वाली इन छात्राओं ने ग्रामीण महिलाओं से भी बात की। इस दौरान अजरवेजान की अफसाना ने पूछने पर बताया, गांव तो देखे थे, लेकिन देशी गाना यहीं सुनें। इस दौरान आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के इस दल ने गांव की बालिकाओं और युवतियों से बात करके दीनदयालजी की प्रतिमा के साथ भी फोटो खींचे। लोकगीत कार्यक्रम के दौरान विदेशी छात्राओं ने फिल्म अभिनेत्री और सांसद हेमामालिनी के साथ भी मेलों की यादों के साथ फिल्म से जुड़ी बातों को याद करके खूब फोटो खिचवाएं।





