जीपीएफ सहित मानदेय देने के सुप्रोम कोर्ट ने दिये आदेश
मथुरा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसियेशन की विगत 7 वषो से राज्य सरकार से चल रही लड़ाई रंग लाने लगी हैं। इसका उदाहरण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को विशिष्ट बीटीसी 2004 वैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन एवं 8 माह का मानदेय दिये जाने के आदेश पारित करने के स्वरूप में सामने आया हैं। इसे लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसियेशन काफी उत्साहित है और उसनें जनपद के समस्त ऐसे शिक्षकों से अपील की है कि वह भी अपने अधिकारों और मानदेय को लेकर राज्य सरकार से चल रही जंग में संगठन का सहयोग करें। स्थानीय होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उक्त सन्दर्भ में जानकारी देते हुए प्रदेश प्रवक्ता विकास चैहान ने बताया कि संगठन ने शिक्षकों के हक की लड़ाई को विगत 2008 से संघर्ष किया हैं। जिसमें संगठन ने शिक्षकों के मानदेय व 2005 से पूर्व हुई शिक्षकों की नियुक्त के दौरान पुरानी पेशन को लागू किये जाने तथा प्रशिक्षण के दौरान 8 माह का मानदेय दिये जाने को लेकर एक संघर्ष शुरू किया था। जिसमें संगठन द्वारा उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में पाॅच रिट दाखिल की गई। जिसमें हर किसी के सन्दर्भ में उच्च न्यायालय व सुप्रीम कोर्ट ने संगठन के दावें को सही मानतें हुए राज्य सरकार को कठघरें में खडा करते हुए प्रदेश के समस्त 35 हजार शिक्षकों को पुरानी पेशन लागू करने व 8 माह के मानदेय दिये जाने के आदेश पारित किये है इतना ही नहीं सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह तक कहा है कि जब इन शिक्षकों की नियुक्त सन् 2004 में हुई है तो इनका नियमानुसार जीपीएफ व पीपीएफ को भी अविलम्ब काटना शुरू किया जाये। वहीं उहोंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इतनी लम्बी लड़ाई को भी और लम्बा खीचनें में लगी हुई है और देश की सर्वोच्च अदालत के फैसलें को भी चुनोती दे रही है लेकिन संगठन पीछें हटने वाला नहीं है वहीं उन्होंने अपने ही शिक्षक वर्ग के अन्य संगठनों पर प्रहार करते हुए कहा कि पुराने संगठन सरकार के निर्देशों पर चल अपने ही साथी शिक्षकों के साथ अन्याय कर रहे है जबकि उन्हें भी 2004 वैच के शिक्षकों की लडाई में साथ देना चाहिये लेकिन पुराने संगठनों ने उलटा ऐसे शिक्षक जो इस मानदेय के पात्र है उनको बरगलाने का कार्य कर रहे है संगठन मीडिया के माघ्यम से जनपद सहित प्रदेश के समस्त शिक्षकों से संगठन के वैनर तलें आकर अपने अधिकारों की लड़ाई में सहभागिता करने की अपील की हैं।





