व्यापारी बंधु पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए
शहर के बाजारों में जुलूस निकालकर नगर पालिका पंहुचे
मथुरा। अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में आज व्यापारी एकजुट होकर चैक बाजार स्थित गांधी पार्क से पैदल जुलूस निकालते हुये स्वामीघाट, छत्ता बाजार, होलीगेट, आर्यसमाज रोड होते हुये नगर पालिका कार्यालय पंहुचे जहां उन्होंने नगर पालिका चेयरमैन मनीषा गुप्ता का घेराव किया। इस दौरान भारी व्यापारियों को देखकर पालिकाध्यक्ष अपने दफ्तर से बाहर आ गयी और बाहर मैदान में व्यापारियों से बातचीत की। इस दौरान व्यापारियों ने एक ज्ञापन चेयरमैन को सौंपा और अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध किया। व्यापारियों ने चेयरमैन से कहा कि दुकानों के ऊपर तीन फीट की टीनशेड तथा नालियों के ऊपर अस्थायी रूप से पत्थर रखने की अनुमति दी जाये। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वे सिटी मजिस्ट्रेट से इस संबंध में बात करेंगी और व्यापारियों के हित में वे कदम उठायेंगी। चेयरमैन ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट से बातचीत के दौरान पांच व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमण्डल भी उनके साथ रहे जिससे व्यापारी अपनी बातों को जिला प्रशासन के समक्ष रख सकें। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व यह अभियान नहीं चलेगा। आज समन्वय समिति समस्त व्यापारिक संगठन मथुरा के बैनरतले जुलूस निकालकर व्यापारियों ने चेयरमैन को नगर पालिका प्रांगण में ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों के शिष्ट मंडल ने कहा कि व्यापारी एकजुटता के साथ पालिका द्वारा प्रशासन के सहयेाग से चलाया जा रहे अभियान का विरोध करता है। इस दौरान समिति के संयोजक रमेश चन्द्र चतुर्वेदी, रविकांत गर्ग, मदन मोहन श्रीवास्तव, विशाल खुराना, सुनील साहनी, सुनील अग्रवाल, काशीनाथ अग्रवाल, अखिल जिंदल, रामचन्द्र खत्री सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे।
व्यापारियों का तर्क
1 ज्ञापन में व्यापारियों ने है कि पूर्व में अधिकारियों के साथ हुयी बैठकों में दुकानों के ऊपर 3 फुट 6 इंच के साईबान निर्धारित किये गये थे। नगर पालिका बाईलाॅज में भी दुकानों के सामने तीन फुट साईबान लगाने हेतु अनुमति दी गयी है। साईबान हटने से दुकानों में चोरी की घटनायें तो बढ़ेंगी ही साथ ही बरसात एवं धूप से व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी होगी।
2 व्यापारियों ने कहा कि नगर पालिका बाईलाॅज में नालियों पर पत्थर लगाने की अनुमति प्रदान की गयी है। इसके लिये शुल्क भी निर्धारित है जो पालिका टैक्स के रूप में लेती है। सन 1974 में तत्कालीन चेयरमैन सुरेशकृष्ण चन्द्र भार्गव तथा ट्रेटर्स एसोसिएशन मथुरा के मध्य नालियों के ऊपर तख्ता लगाने पर सहमति हुयी थी जिसमें नाली की चैड़ाई से छह इंच आगे तक पत्थर लगाने की सहमति प्रदान करते हुये शुल्क निर्धारित हुआ था।





