प्रदेश सरकार के मंत्री रामसकल गुर्जर गोवर्धन स्थित भवनपुरा गांव में अनशन पर बैठे परिजनों से मिलते हुए
शहीद समोद की पत्नी एवं परिवार वालों से बातचीत करते मंत्री रामसकल गुर्जर
शहीद के गांव पंहुचे प्रदेश सरकार के मंत्री
बीस लाख की मदद की घोषणा, शहीद के पिता ने सौंपा मांगपत्र
मथुरा। गोवर्धन कस्बे के समीपवर्ती गांव भवनपुरा के रहने वाले शहीद समोद की अंत्येष्टि के बाद से राज्य और केन्द्र सरकार की उपेक्षा से नाराज शहीद की पत्नी और परिवार सम्मान की खातिर अनिश्तिकालीन धरने अनशन पर बैठ गया। इससे प्रदेश सरकार परेशान हो गयी। आज इसी क्रम में सूबे के मुखिया ने अपने मंत्री रामसकल गुर्जर को भवनपुरा भेजकर शहीद के परिजनों को ढांढस बंधवाया और शहीद की पत्नी को दूध पिलाकर अनशन तुड़वाया। मंत्री ने शहीद के परिजनों को बीस लाख रूपये की सहायता का भी भरोसा दिलाया। इस दौरान शहीद के पिता ने उप्र के मंत्री को अपनी मांगों का एक पत्र भी सौंपा और कहा कि अगर पांच दिन में मांगें न मानी गयीं तो गांव में फिर से अनशन शुरू कर दिया जायेगा।
विदित हो कि भवनपुरा के शहीद सैनिक समोद कुमार की अंत्येष्टि के बाद से उसके परिजन अनिश्ति कालीन धरने पर बैठे थे। बीस लाख के इनामी आतंकवादी को मार गिराने के बाद शहीद हुये समोद कुमार की अंत्येष्टि में केन्द्र व सरकार द्वारा उपेक्षा की गयी और अपना कोई भी प्रतिनिधि नहीं भेजा गया था। आज जब यह बात लखनऊ तक पंहुची तो सूबे के मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान में लेते हुये अपनी सरकार के मंत्री राम सकल गुर्जर को भवनपुरा भेजा। आज प्रदेश सरकार के मंत्री दोपहर में गांव में पंहुचे और परिवार को मनाया। उन्होने परिवार की मांगों को मानने का भरोसा दिलाते हुये परिवार को बीस लाख रूपये का चैक जल्द ही दिलाये जाने की घोषणा की। इसके बाद मंत्री ने शहीद की पत्नी सीमा को दूध पिलाकर उसका अनशन तुड़वाया। इय दौरान शहीद के पिता ने मंत्री को मांगपत्र भी सौंपा और पांच दिन में मांगे न माने जाने की स्थिति में फिर से अनशन की चेतावनी भी दी। इस दौरान मंत्री ने गांव में शहीद स्मारक बनवाने, गांव की सड़कों की दशा सुधरवाने और जूनियर हाई स्कूल की मरम्मत कराये जाने का भी भरोसा दिलाया।
इस दौरान मंत्री के साथ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और काॅपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जगदीश नौहवार, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ठा. किशोर सिंह, महानगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, गोवर्धन विधानसभा अध्यक्ष मुकेश सिकरवार के अलावा जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह भी मौजूद थे।





