श्री ममतामई राधे गुरु माँ चैरिटेबल ट्रस्ट

श्री ममतामई राधे गुरु माँ के भक्तों का धर्म ही मानव सेवा है। युगों - युगों से भारत की पवित्र  भूमि ऋषिओं - मुनिओं, ज्ञानिओं और गुरुओं की जन्मस्थली रही है। इसलिए कहा जाता है कि देवता भी मानव तन धारण करके पृथ्वी पर अवतरित होना चाहते है  तो वे भारतभूमि को ही चुनते है। पूरी दुनिया में भारत की असल पहचान धार्मिक और आध्यात्मिक देश के रूप में है। ऐसे में समय - समय पर यहाँ पर मानव शरीर में दिव्य- शक्तिओं का आगमन आश्चर्य की बात नहीं है। श्री ममतामई राधे गुरु माँ इस श्रंखला में से एक महान आध्यात्मिक शक्ति हैं। वे भारत भूमि के प्रचीन हिन्दू सनातन परंपरा को आगे बढ़ानेवाली आध्यात्मिक गुरु है।

   श्री ममतामई राधे गुरु माँ का जन्म पंजाब के गुरुदासपुर जिले के डोरेवाला गाँव  में हुआ था। जिस आयु में उनकी सहेलियां खिलौनों से खेलती थी, राधे गुरू माँ अपना अधिकतम समय शंकर भोलेनाथ व माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना में व्यतीत करती थी। जब वे २३ वर्ष की थी, तब उनकी मुलाकात परमहंस बाग डेरा, होशियारपुर, पंजाब, श्री श्री महंत रामदीन दास १००८ से हुई। उनसे साधना की शिक्षा ली और बाद में भगवान शिवजी (शंकर भगवान) और उनकी पत्नी मां उमा की सेवा करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया~ पारिवारिक और सामाजिक चिंताओं से अपने को मुक्त कर लिया और भगवान में लीन हो गयी। श्री राधे माँ सरल, सरस और मधुर शब्दों में छल, कपट और ईष्या -द्धेष से दूर रहने और प्रभु का ध्यान करने की सलाह देती हैं। यही नहीं व्यापार में बरक्कत और गृहस्थ जीवन को सुखमय बनाने का रास्ता दिखती है श्री राधे माँ कहती हैं कि प्रभु को पाने का सबसे सरल उपाय है मां-पिता, गुरु और अतिथि का सच्चे दिल से पूजन~ जरुरतमंदों की मदद करना तथा पशु- पछियों की सेवा से बढ़कर कोई भी बड़ा धर्म नहीं है। तर्क– वितर्क से नहीं सच्ची श्रद्धा-विश्वास-आस्थापूर्ण समर्पण से भगवान की प्राप्ति होती है।

 

       एक चौकी के दौरान एम.एम.मिठाईवाला के मालिक मनमोहन गुप्ता व उनके बेटे ग्लोबल  एडवर्टाइज़र के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव गुप्ता की मुलाकात श्री राधे गुरू माँ से हुई और वे इतने प्रभावित हुए कि राधे गुरू माँ को अपने घर में आश्रम बनाने का आमंत्रण दिया और राधे माँ ने स्वीकार भी कर लिया। आज मुंबई के बोरीवली पश्चिम में सोडावाला लेन में राधे गुरू माँ भवन है, जहां पर हर दूसरे हफ्ते शनिवार को माता की चौकी का आयोजन होता है और जहां पर लोग भजन,भक्ति गीत, माता की भेंट का आनंद उठाते हैं और लोगों को मुफ्त में प्रसाद दिया जता है।

 

           `ग्लोबल एडरटाइजर्स के होर्डिंग पर अक्सर राधे गुरू मां का स्वरूप देखने को मिलता है और हर वर्ष श्री राधे गुरु माँ के जन्मदिन ३ मार्च को माँ भगवती का विशाल जागरण का आयोजन होता है। इस दौरान अनूप जलोटा, मनोज तिवारी, अनुराधा पौडवाल, जसविंदर नरूला, नरेंद्र चंचल,लखविंदर सिंह लक्खा जैसे कई सुपरहिट भजन सम्राट अपने भजनों व गीतों से लोगों को मन्त्रमुग्ध् कर देते है। राधे मां का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम व भव्य तरीके से मनाया जाता है।

 

         भक्तों की तरफ से श्री ममतामयी राधे गुरू माँ चैरिटेबल ट्रस्ट भी खोला गया है, जिसके रजिस्ट्रेशन के २ वर्ष पूरे हो गए हैं , लेकिन उसके २० वर्ष पहले से ही राधे माँ के नाम पर अनेक सामाजिक कार्य ट्रस्ट के लोगों द्वारा किया जा रहा है । संस्था के मुख्या ट्रस्टी ऋतुबाला (छोटी माँ ), टल्ली बाबा, संजीव गुप्ता, मोहन सिंह,उपेन्द्र सिंह, हरजिंदर सिंह है। इसके तहत मानसिक और शारीरिक विकार ग्रस्त लोगों की मदद तथा जरूरतमंदों को वस्त्र दान, अनाथालयों में रहने वाले लोगों की मदद, मुफ्त हार्ट चेकअप, ब्लड डोनेशन कैंप, स्कूल और कॉलेज के छात्रों की मदद, पशुओं को खाना, जरुरतमंद लड़किओं का विवाह कराना इत्यादि जैसे सैकड़ों सामाजिक कार्य किये जाते हैं।

 

            श्री राधे गुरू माँ का मानना है कि परम पिता परमात्मा एक है, कण-कण में भगवान का वास है। हर प्राणी में भगवान है। कर्म भी भक्ति का एक रूप है। यदि व्यक्ति दूसरों के लिए अच्छा सोचेगा, अच्छा बोलेगा और अच्छा करेगा तो उसका अच्छा जरूर होता है। इस कारण लोगों को चाहिए कि वे हमेशा दूसरों का भला करें।

 

            अधिक जानकारी के लिए श्री ममतामयी राधे गुरू माँ चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री राम ट्रेड सेंटर, दिग़म्बर जैन मंदिर के सामने, एस वी पी रोड, बोरीवली (वेस्ट), मुंबई -९२ पर या फ़ोन नंबर ०२२- २८९३९४०० पर सम्पर्क करे या ममतामई श्री राधे गुरु माँ डॉट कॉम पर विजिट करे।  

 

Sanjay Sharma Raj

(P.R.O.)

 

 

 


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