मथुरा। श्री भृगु ज्योतिष कार्यालय के संचालक पं. हरीशरण शर्मा ज्योतिषाचार्य के अनुसार व्रत जन्मोत्सव सं॰ 2072 शाके 1937 भाद्रपद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शनिवार 52 घड़ी 43 पल है, जो रात्रि 3 बजकर 2 मिनट तक है। रोहिणी नक्षत्र 45 घड़ी 15 पल है, जो रात्रि 12 बजकर 10 मिनट तक है। यह शुभ योग कई वर्षों के बाद अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र में मिल रहा है। कृष्ण जन्मोत्सव कल शनिवार के दिन सर्वमान्य योगायोग बन रहा है। श्रद्धालु एवं भक्तगण इस व्रत को रखने से तीन जन्मों के पातकों को हरण करने वाला होगा। क्न्या की संक्राती, सिंह का मंगल, आने से सर्राफा बाजार में कुछ तेजी का रूख रहेगा।





