संवर्ग नीति के खिलाफ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दिया धरना

मथुरा। शिक्षा संवर्ग विभाजन को लेकर राजकीय इंटर कालेज फरह के शिक्षक शिक्षिकाओं ने डीआईओएस आॅफिस के सामने धरना दिया और एडीआईओएस को ज्ञापन सौंपकर शासनादेश रदद करने की मांग उठाई। शासन ने शिक्षा विभाग को तीन संवर्ग शिक्षण, प्रशिक्षण और प्रशासन में विभाजित कर बीते 28 जुलाई को शासनादेश भी जारी कर दिया। तीन केडर का मामला राजकीय शिक्षकों को हजम नहीं हो सका। उन्होने मुख्यमंत्री को भी इससे अवगत कराकर विरोध जताया। लेकिन इसके बाद भी परिणाम ढाक के तीन पात रहे। हार थक कर शिक्षिकाओं ने विरोध का रास्ता अख्तियार किया। डीआईओएस आॅफिस पर एक दिवसीय धरना दिया गया। इसमें 50 से ज्यादा अयापक और अयापिकाएं मौजूद थे। अयापकों का कहना था कि वे किसी कीमत पर शासन के संवर्ग प्रकरण को सहन नहीं कर सकते हैं। सरकार ने चुपके से केडर बना डाले हैं। इससे निम्न अधिकारियों की अराजकता और अनर्गल दबाव बढेगा। राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि एबीएसए का ग्रेड पे व्याख्याता से कम है लेकिन राजकीय इंटर कालेजों के निरीक्षण का अधिकार उसको दिया गया है। इससे अकुशलता बढेगी। अपने विरोध को लेकर अयापिकाओं और अयापकों ने एडीआईओएस को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सुषुमा अग्रवाल प्रान्तीय संगठन मंत्री, डा. राखी गुप्ता जिला उपायक्ष, शिव चरन रावत प्रांतीय संगठन मंत्री, मण्डलीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, नम्रता मण्डलीय वरिष्ठ महिला उपायक्ष आदि मौजूद थे।


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