मथुरा। समावादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद मथुरा के सपा जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा को तत्काल प्रभााव से हटा दिया हैं। उन्हें क्यों हटाया गया है इसके अभी स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। लेकिन बताया जाता है कि गुरूदेव शर्मा पर कार्यकर्ताओं को सन्तुष्ट नहीं करने तथा पार्टी में गुटवाजी पनपाने के आरोप में मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया हैं। लेकिन गुरूदेव शर्मा के समर्थक ऐसी शिकायतों पर हटायें जाने से इन्कार कर रहें हैं।
वहीं सपा सूत्रों का कहना है कि सपा के जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा अपनी पंकड़ सीधे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से है और इसी का परिणाम है कि जब जब सपा प्रदेश में सतारूण होती है तभी वह अपनी सपा मुखिया से व्यक्तिगत पकड के चलते जनपद के जिलाध्यक्ष पद पर कब्जा कर लेते हैं। सपा नेता गुरूदेव शर्मा की इस पकड़ की वजह से सपा के निष्ठावान कार्यकर्ता व उन्हें बचाने में अपने को अजहस महसूस करते है। गुरूदेव शर्मा के सपा जिलाध्यक्ष बनने के बाद से ही सपा के जुझारू कार्यकर्ताओं का एक गुट सपा से अलग थलग पड़ गया और ऐसे सपा नेताओं ने अपनी मंशा से प्रदेश इकाई को भी अवगत करा दिया। लेकिन सत्ता के पद में चूर सपा की प्रदेश इकाई व सपा मुखिया के नजदीकी सम्बन्ध के चलते सपा मुखिया अपने पद पर जमें रहें। लेकिन जैसे ही प्रदेश में पुनः चुनाव नजदीक आते देख सपा को अब अपने पुराने कार्यकर्ताओं की याद आने लगी। इसी के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रभारी कदम उठाते हुए अब पुरानी शिकायतों पर संज्ञान लेना शुरू कर दिया। इसी के चलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद के सपा जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा को तत्काल प्रभाव से पद मुूक्त कर दिया हैं। अब देखना यह है कि सपा का अगला जिलाध्यक्ष कौन होगा इसेकं लिए भी प्रयास शुरू हो गये।





