मथुरा। अखिल भारतीय समता फाउडेशन मथुरा ने समाज के प्रेरणा श्रोत रहे महात्मा ज्योतिराव फूलें की 188वींे जयन्ती मनाते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एक भारतीय शिक्षा पर आधारित ज्योतिराॅव का योगदान नामक विषय पर एक गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता लुकेश कुमार राही ने की तथा संचालन जितेन्द्र सिंह ने किया। गोष्ठी में सर्वप्रथम महात्मा ज्योतिराॅव फूलें के चित्र पर मुख्य अतिथि राजकुमार पप्पा भरतपुर वालें, ने उन्हें पुष्प अर्पित कर उनके द्वारा भारतीय शिक्षा में योगदान पर प्रकाश डाला। पराधीन भारत में जब अछूतों व नारी जाति को समातन परम्परा के अनुसार ज्ञानर्जन का अधिकार नहीं था। तब उन्होंने अपनी 9 वर्षीय पत्नी को स्कूल पढ़नें भेंजकर रूढिवादी परम्पराओं का विरोध किया। 848 में पहलें स्वदेशी विद्यालय की नींव रखी। गोष्ठी में अध्यक्ष लुकेश राही ने कहा कि महात्मा ज्योतिराॅव फूलें ने अपनी पत्नी के नेतृत्व में करीब 20 विद्यालय बनाकर उन्हें श्रीमती सावित्री बाई फूलें को भारत की पहली शिक्षिका बनाकर गौरव स्थापित किया एवं भारत की पहली मुस्लिम शिक्षिका फातिमा को बनाकर नारी जाति के साथ भारत की 80 प्रतिशत आवादी को ज्ञान मार्ग से जोड़ा। भरतीय समाज आज हमेशा महात्मा ज्योतिराॅव फूलें का कृतज्ञ रहेगा और शिक्षार्जन कर उनके सपनों का मजबूत भारत बनाकर रहेगा। गोष्ठी में राजकुमार पप्पा जी, लुकेश कुमार राही, जितेन्द्र सिंह, दिनेश मिस्त्री, ठा0 त्रिलोकी नाथ, होरीलाल, थानसिंह, हेमराज सिंह, राजेन्द्र सिंह, किशन लाल, अंकित सागर, छोटेलाल प्रधान, विकास, ब्रजलाल कामरेड बहादूर सिंह आदि उपस्थित थे।





