
नई दिल्ली : सरकार ने डीजल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यहक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में डीजल की बिक्री पर कम वसूली और इसकी वर्तमान स्थिति संबंधी मुद्दों का अनुमोदन किया गया।
डीजल की कीमत बाज़ार के अनुसार तय किए जाने संबधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीजल के मूल्य खुदरा और रिफाइनरी गेट, दोनों ही स्तरों पर बाज़ार के अनुसार तय होंगे।
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा 17 जनवरी 2013 को किए गए पूर्ववर्ती निर्णय के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) के लिए आदेश जारी किए गए हैं जिनमें उन्हें अगले आदेशों तक डीजल के खुदरा बिक्री मूल्यों में प्रतिमाह 40 पैसे से 50 पैसे प्रति लीटर तक (विभिन्न राज्यों/संघशासित प्रदेशों में लागू वैट की दरों को छोड़कर) बढ़ोतरी करने की अनुमति दी गई है।
डीजल के मूल्य बाजार द्वारा निर्धारित होने से ऑटो ईंधन खुदरा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़गी और तेल कंपनियों की सेवा वितरण सक्षमता में सुधार आयेगा। तेल कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा और उन्हें अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।






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