एक जमाना था जब आगरा की पहचान हुनरों और उद्योग धंधों से थी। सुबह, शाम जब सायरन बजते थे तो हजारों श्रमिक घटिया स्थित तेल मिल से लेकर गलीचा फैक्ट्री, यमुना किनारा और जॉन्स मिल जीवनी मंडी से ड्यूटी पर आते-जाते दिखाई देते थे। फाउंड्री उद्योग, आटा और तेल मिलों का दूर-दूर तक साम्राज्य फैला हुआ था...
Read More




