कुछ वर्षों पूर्व प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बृज मंडल के नियोजित विकास और पुराने वैभव को लौटाने के लिए एक पूर्व पुलिस अधिकारी को बृज तीर्थ विकास बोर्ड की कमान सौंप दी थी। निर्माण और सहूलियत विकास के दर्जनों प्रोजेक्ट्स पर करोड़ों रुपये खर्च हो गए, लेकिन न बृज भक्ति, न ही आध्यात्मिकता, न ही विरासत संवर्धन, न ही यमुना मैया की दुर्दशा को सुधारने के लिए कोई काम किया गया। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का काम भी लटका हुआ है...
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